Easy to normalize low blood pressure and prevention of low blood pressure with immediate effect in Hindi sagarvansi ayurveda

लो ब्लड प्रेशर को सामान्य करने का आसान सा घरेलू उपचार एवं लो ब्लड प्रेशर को तत्काल प्रभाव से रोकने की क्रीया / Easy to normalize low blood pressure and prevention of low blood pressure with immediate effect in Hindi

निम्न रक्तचाप

 

निम्न रक्तचाप का अर्थ है लो ब्लड प्रेशर।  लो ब्लड प्रेशरनाम यानी नाम से ही साफ प्रतीत होता है की मानव शरीर में रक्त का दबाव या प्रेशर की कमी को निम्न रक्तचाप कहते हैं। अंग्रेजी भाषा में इसे हाइपोटेंशन भी कहा जाता हैं। इस अवस्था में मानव शरीर में दौड़ रहे रक्त का प्रभाव सामान्य से कम हो जाने से या मानव शरीर में रक्त के धीमी गति या प्रवाह के कम हो जाने के कारण रक्त मानव शरीर के मुख्य स्थानों पर पहुंचने में असमर्थ होता है जैसे ह्रदय, दिमाग मस्तिष्क और भी शरीर के अन्य मुख्य अंगों तक पहुंचने में असमर्थ होता है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि मानव शरीर में मस्तिष्क अपने सभी अंगों को कार्य करने का आदेश देता है और सभी अंगों की तरह मस्तिष्क की शक्ति पर निर्भर होता है और मस्तिष्क में रक्त की कमी या रक्त के दबाव के कम होने की वजह से रक्त मस्तिष्क तक नहीं पहुंच पाता जिसकी वजह से लो ब्लड प्रेशर मैं चक्कर आना और बेहोशी छा जाना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं सामान्यतः किसी साधारण व्यक्ति या मनुष्य रक्तचाप की गति 120 \ 80 अर्थात 120 उच्चतम और 80 न्यूनतम होता है और उच्च रक्तचाप को हर व्यक्ति के अनुसार नापने का एक फार्मूला यह भी होता है कि अपनी वर्तमान आयु में 90 को जोड़ दिया जाए तो आपको आपकी आयु के अनुसार उच्चतम रक्तचाप की संख्या ज्ञात हो जाएगी यदि इससे ऊपर आपका ब्लड प्रेशर निकलता है तो आपका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है और आपको उच्च रक्तचाप की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।  उच्च रक्तचाप व निम्न रक्तचाप दोनों  ही अधिक समस्या दायक है बीमारी हैं और अत्यधिक खतरनाक भी होती हैं। आपको हम हाई ब्लड प्रेशर के बारे में व उसके उपचार के बारे में पहले के ब्लॉग में बता चुके हैं। हम आपको निम्न रक्तचाप के बारे में व उसके उपचार बताएंगे।

                  

लक्षण

ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन :- इस स्थिति में मनुष्य के बैठने या लेटने के बाद अचानक से खड़े होने पर अक्सर यह लक्षण दिखाई देता है। इस समस्या में ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बैठे या लेटे होने पर रक्त शरीर के ऊपरी हिस्से में रहता है और जब अचानक से मनुष्य खड़ा होता है तो रक्त शरीर के नीचे के हिस्से में भी जाता है जिसकी वजह से रक्तचाप कम हो जाता है। साधारण लोगों के लिए यह बहुत बड़ी समस्या नहीं है परंतु जिन व्यक्तियों को लो ब्लड प्रेशर की शिकायत है उनके लिए यह बहुत खतरनाक स्थिति हो सकती है क्योंकि ऐसी स्थिति में चक्कर आना और बेहोशी जैसी समस्या उतपन्न हो सकती हैं।

गुर्दे की बीमारी :- जब गुर्दे में सामान्य से कम रक्त का प्रवाह होता है तो वह शरीर से व्यर्थ के पदार्थ या विषैले पदार्थ निकालने में असमर्थ हो जाता है और इस वजह से रक्त में विषैले पदार्थों के स्तर कि धीरे-धीरे वृद्धि होने लगती है।

शॉक की अवस्था में :- शॉक की स्थिति काफी खतरनाक होती हैयहां तक कि यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है। इसमें लगातार रक्तचाप कम होने के कारण ह्रदय, गुर्दे, यकृत, व फेफड़े इसके अलावा मस्तिष्क जैसे अंग तेजी से विफल होने लगते हैं।

हृदय की बीमारी :- अचानक से कभी छाती में दर्द या हृदय का दौरा कोरोनरी धमनियों( दिल की मांसपेशियों तक रक्त को पहुंचाने वाली नसें) मैं अपर्याप्त रक्त के प्रवाह के कारण हो सकता है।

 

उपचार

32 किशमिश को 150 ग्राम पानी में चीनी मिट्टी के कप में भिगोकर रात भर या 12 घंटे के लिए  भिगा के छोड़ दें प्रातः हर एक किशमिश को एक-एक कर के उठाएं और हर किशमिश को 32 बार चबाकर खाने से निम्न रक्तचाप में आश्चर्यचकित लाभ होता है पूर्ण लाभ के लिए 32 दिन तक खाएं एक महीना तक इस प्रयोग को करने से शरीर से रोग विष शीघ्र बाहर हो जाता है और लौह तत्व से भरपूर क्षार श्रेणी का खाद्य होने के कारण यह खून तथा देह के तन्दुओं को साफ रखता है।

 

विशेष

1. निम्न रक्तचाप हृदय दुर्बलता के कारण बेहोश हो जाने पर हरे आंवले का रस और शहद को बराबर बराबर मात्रा (कम से कम दो - दो चम्मच) में मिलाकर चटाने से होश आ जाता है और दिल की कमजोरी भी दूर हो जाती है।

2. बादाम का सेवन निम्न रक्तचाप में बहुत उपयोगी है। रोज 7 बादाम गिरी को पानी में रात को भिगोकर प्रातः बादाम के छिलके उतारकर उसे खूब बारीक पीसकर दूध के साथ सेवन करने से निम्न रक्तचाप कुछ ही दिनों में सामान्य हो जाता है।

3.  निम्न रक्तचाप में तत्कालिक लाभ के लिए बोलना बंद कर दें और चुपचाप बाई करवट लेट जाएं, नींद आने से ठीक हो जाएगा।