high blood pressure symptoms sagarvansi ayurveda

हार्ट फेल और हाई ब्लड़ प्रेशर के लक्षण व बचाव का घरेलू उपचार / high blood pressure symptoms

उच्च रक्तचाप से बचाव और लक्षण high blood pressure symptoms

आज के इस व्यस्त जीवन शैली में इंसान काफी व्यस्त होता जा रहा है। इसका  मुख्य कारण है व्यक्ति का पैसा कमाना और एक अच्छी और लग्जीरीयस लाइफ स्टाइल को मेंटेन करना । यही कारण है जिससे  इंसान  पैसा कमाने के लिए जुट जाता है और वह अपने शरीर पर ध्यान नहीं दे पाता। एक और भी कारण होता है जिसके वजह से इन्सान खुद पर ध्यान नहीं देता है और यह कारण कहलाता हे आलस्य। आज के समय में इन्सान काफी आलसी हो गया है  जिसकि वजह से  वह किसी भी तरह का व्यायाम या श्रम नहीं करता है।  इसके साथ इन्सान का स्वादप्रीय  होना इसमे सबसे मुख्य भूमिका निभाता हे किसी  इन्सान को बीमार करने में क्योकी स्वादप्रीय होने के कारण इन्सान की रुची बाहर के या बाजारो में मिलने वाले फास्ट फूड़ में बढ़ जाती है। जिसमें स्वाद होता है परन्तु गुणवक्ता या  पोषण नही। बाजारो में  मिलने वाली  खाने की वस्तु  काफी  चिकनाई  युक्त होती है जो स्वास्थ के लिए खराब है।  इस कारण धीरे-धीरे इंसान की ह्रदय धमनियों में कोलेस्ट्रोल नाम का पदार्थ किसी स्थान पर एकत्रित होने  लगता है। इस वस्तु के एक ही स्थान पर जमा होने से यह खून की धमनियों को बंद कर देता है जिससे व्यक्ति या खून सुचारू रूप से दिल तक नहीं पहुंच पाता या  खून का संचार  ठीक से नही होता और मनुष्य के ह्रदय पर भारी असर पड़ता है।  जिससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या सामने आती है। उच्च रक्तचाप के लक्षण high blood pressure symptoms भी बताए गए है। यह बीमारी एक समस्या है यह अपने साथ कई सारी बीमारियों को ले आती है जैसे हार्ट अटैक, किडनी फेल, हार्ट फेल और अन्य किडनी की बीमारी हाई ब्लड प्रेशर के कारण होती है।  हाई ब्लड प्रेशर यह बीमारी सबसे बड़ी समस्या है। इसके लिए इंसान को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर को उसके लक्षणों high blood pressure symptoms से पहचाना जा सकता है। जब यह लक्षण उच्च रक्तचाप के समझ आ जाएं तो जल्द से जल्द इसका उपचार करना आवश्यक रहता है। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के लिए यहां कुछ घरेलू उपचार सुझाऐ जा रहे हैं जो आपको लाभ दे सकते हैं।

 

उच्च रक्तचाप के लक्षण  high blood pressure symptoms

1. मल आदि का अनियमित त्याग और उसमें बदबू अधिक आती है। 

2. हृदय की गति (चाल) अधिक हो जाती है। हृदय प्रदेश पर दर्द भी महसूस होता है। यह कभी भी हो सकता है।

3. उच्च रक्तचाप होने पर नाक और शरीर के अन्य अंगों से रक्तस्त्राव होने लगता है।

4. रोगी के सिर में विशेषकर सिर के पीछे की ओर कनपटियों अर्थात कान के पीछे के भाग में दर्द होता है। यह सिरदर्द कभी कम अथवा कभी अधिक होता है।

5. रोगी को निद्रा कम आती है और आती भी है तो टूट टूटकर आती है।

6. रोगी का कार्य करने में मन नहीं लगता है। वह स्वभाव से चिड़चिड़ा हो जाता है। थोड़ा सा कार्य करने पर भी उसे थकान आ जाती है।

7. पेशाब की मात्रा कम होने लगती है। जांच करवाने पर पता चलता है कि पेशाब में शक्कर अलब्यूमन अथवा यूरिक एसिड बढ़ गया है।

8. रोगी को सुबह और शाम को चक्कर आने लगता है।

9. रोगी की स्मरणशक्ति धीरे-धीरे कम होने लगती है।

10. भूख कम लगने लगती है और खाने में अरुचि होने लगती है।

 

घरेलू उपचार   home remedy

 

आँवला आयुपर्यन्त खाते रहने से अचानक हृदय गति रुकने की संभावना नहीं रहती है और ना ही उच्च रक्तचाप का रोग होता है।

 

विकल्प

1. मौसम्मी के नित्य सेवन अथवा नींवू के नियंत्रित सेवन से भी हार्ट फेल का भय नहीं रहता है। क्योकि इससे रक्तवाहिनियों में कोलेस्ट्रोल जमा नहीं हो पाता।

2. दिल का दौरा पड़ते ही लहसुन की चार कलियों को तुरन्त चबा लेना चाहिए इससे ह्रदय फेल नही होगा।  दौरा समाप्त हो जाने के बाद नित्य कुछ दिन तक  लहसुन की दो को  कलियों दूध में उबालकर लें। नंगे पैर फिरने वालों को रक्तचाप की शिकायत नहीं होती है।