Prevention from low blood pressure through a simple home remedy sagarvansi ayurveda

घरेलू प्रयोग से निम्न रक्तचाप व लो ब्लड प्रेशर से बचाव / Prevention from low blood pressure through a simple home remedy

निम्न रक्तचाप से बचाव या न्यून रक्तचाप से बचाव नाम अलग-अलग हैं किंतु अर्थ एक ही है लो ब्लड प्रेशर से बचाव या अंग्रेजी भाषा में कहें तो Prevention of Low Blood Pressure.  उपरोक्त नाम से ही समझा जा सकता है कि यह एक ऐसी बीमारी या समस्या है जिसमें मानव शरीर के रक्त का बहाव काफी धीमी या मंद गति से होने लगता है। इस अवस्था को मेडिकल भाषा में हाइपोटेंशन नाम से जाना जाता है। रक्त की धीमी गती के प्रवाह या बहाव से रक्त का दौरा मानव शरीर में धीरे हो जाता है और इस स्थिति के कारण रक्त आवश्यकता के अनुसार शरीर के कई अत्यंत महत्वपूर्ण शरीर के अंगों (Important Organs) तक रक्त की धीमी गति के कारण नहीं पहुंच पाता। जैसे कि दिल दिमाग एवं अन्य कई सारे मुख्य अंग भी इसमें शामिल हैं। दिल (heart) और दिमाग (Brain) शरीर में अत्यंत मुख्य अंग हैं और पूरा शरीर इन अंगों पर निर्भर करता है। जब रक्त दिमाग में पहुंचने में असमर्थ होता है तब दिमाग में रक्त की कमी से चक्कर आना, बेहोशी होना आदि समस्या उतपन्न होती है और जैसा कि आप सभी जानते हैं कि दिमाग या मस्तिष्क ही ऐसा अंग है जो पूरे शरीर को या किसी भी अंग को किसी कार्य को करने का निर्देश देता है। तभी वह किसी कार्य को करने के लिए तैयार होता है। तो इसी कारण से जब रक्त दिमाग तक नहीं पहुंचता तब वह किसी भी कार्य को करने में असमर्थ होता है और जब दिमाग असमर्थ होता है तब वह किसी भी अंग को किसी कार्य के लिए आदेश नहीं दे सकता तो कहे कि एक तरह से लो ब्लड प्रेशर की वजह से व्यक्ति की इतनी खतरनाक स्थिति हो जाती है इसलिए लो ब्लड प्रेशर से बचाव (Prevention of Low Blood Pressure) करना कितना अधिक आवश्यक है यह तो आप समझ ही गये होंगे।

लक्षण

हृदय की बीमारी या रोग :- कभी अचानक से छाती में तेज दर्द उतपन्न हो या दिल का दौरा भी पड़ने संभावना होती है। एसा कोरोनरी धमनियों (दिल की मांसपेशियों में खून को पहुंचाने वाली नसें) मैं अपर्याप्त रक्त के बहाव के कारण हो जाता है।

शॉक की स्थिति में :- शॉक की  अवस्था काफी खतरनाक व गंभीर होती है और यहां तक कि इस स्थिति में जान जाने का खतरा भी काफी होता है । इसमें लगातार ब्लड प्रेशर लो होने की वजह से गुर्दे, फेफड़े, ह्रदय एवं यकृत इसके अतिरिक्त मस्तिष्क जैसे अंग भी काफी तेजी से विफल या निष्क्रिय होने लगते हैं।

ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन :- इस अवस्था में पीड़िित के लेटने या बैठने के बाद कभी अचानक से या एकदम खड़े होने पर अक्सर इस प्रकार के लक्षण दिखाई देता है। इस समस्या के चलते ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लेटे या बैठे होने पर रक्त  का संचार शरीर के ऊपरी हिस्से में रहता है और जब कभी अचानक से मनुष्य खड़ा होता है तो मानव शरीर में रक्त नीचे के हिस्से में भी जाता है जिसकी वजह से रक्त की गती कम हो जाती है। साधारण लोगों के लिए यह बड़ी समस्या नहीं है किन्तु जिन व्यक्तियों को लो ब्लड प्रेशर की समस्या है उनके लिए यह बहुत ही खतरनाक स्थिति सिद्ध हो सकती है क्योंकि इस प्रकार की स्थिति में अधिकांश बेहोशी या चक्कर आना जैसी समस्या उतपन्न हो सकती हैं।

गुर्दे से समबन्धित बीमारी :- जब गुर्दे में अपर्याप्त मात्रा में या कहें की सामान्य से कम रक्त का बहाव होता है तो गुर्दे शरीर से विषैले तथा व्यर्थ के पदार्थ निकालने में निष्क्रिय हो जाते है और इसी कारण से रक्त में विषैले पदार्थों का स्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगता है।

उपचार   

 150 ml पानी में 32 नग किशमिश को चीनी मिट्टी के पात्र में भिगोकर रात भर के लिए या लगभग 12 घंटे के लिए  भिगा के छोड़ दें प्रातः हर एक किशमिश को एक-एक कर के हर किशमिश को 32 बार चबाकर खाने से निम्न रक्तचाप में आश्चर्यचकित लाभ होता है पूर्ण लाभ के लिए 32 दिन तक खाएं एक महीना तक इस प्रयोग को करने से शरीर से रोग विष शीघ्र बाहर हो जाता है और लौह तत्व से भरपूर क्षार श्रेणी का खाद्य होने के कारण यह रक्त तथा देह के तन्दुओं को एकदम साफ रखता है।

विशेष

1. लो ब्लड प्रेशर में हृदय की दुर्बलता के कारण मूर्छित हो जाने पर हरे आंवले का रस दो चम्मच एवं दो चम्मच शहद को (बराबर बराबर मात्रा में) मिलाकर चटाने से मूर्छित अवस्था से वापस होश आ जाता है और दिल की कमजोरी भी दूर हो जाती है।

2. बादाम के सेवन से लो ब्लड प्रेशर में बहुत लाभदायक है। रोज 5 - 7 बादाम गिरी को पानी में रातभर भिगोकर रख दें और प्रातः बादाम के छिलके उतारकर उसे खूब महीन या बारीक पीसकर दूध के साथ सेवन करने से लो ब्लड प्रेशर कुछ ही दिनों में सामान्य हो जाता है।

 

3.  निम्न रक्तचाप में तत्कालिक लाभ के लिए बोलना बंद कर दें और चुपचाप बाई करवट लेट जाएं, नींद आने से ठीक हो जाएगा।