tonsils ki samasya ka gharelu upchar Home remedies for tonsils problem in hindi sagarvansi ayurveda

टॉन्सिल्स की समस्या का घरेलू उपचार / tonsils ki samasya ka gharelu upchar Home remedies for tonsils problem in hindi

टॉन्सिल्स की समस्या (Problem of tonsils)

टॉन्सिल्स एक तरह के नरम ऊतक (Soft Tissue) होते हैं यह मानव शरीर के कंठ के दोनों तरफ जीभ के पिछले हिस्से में उपस्थित होते हैं। टॉन्सिल्स मानव शरीर में पहले से ही उपस्थित होते हैं और टॉन्सिल मानव शरीर में हो रहे या हो चुके संक्रमण से लड़ने में सहायक होते हैं। संक्रमण के दौरान टॉन्सिल द्वारा प्रतिक्रिया देने पर टॉन्सिल्स के आकार में वृद्धि या सूजन जाती है। साधारण तौर पर मानव शरीर में टॉन्सिल को हटाने पर संक्रमण या संक्रमण के प्रति संवेदनशीलता में वृद्धि नहीं देखी जाती है। योवन की शुरूआत में टॉन्सिल का आकार मानव शरीर के जीवनकाल में उस दौरान सबसे बड़ा होता है सामान्यता टॉन्सिल का आकार अंदाजन 2.5 सेंटीमीटर लंबा एवं 2 सेंटीमीटर चौड़ा और 1.2 सेंटीमीटर मोटा पाया  जाता है। टॉन्सिल्स के होने की कोई उम्र नहीं होती यह किसी भी आयु में उत्पन्न हो सकते हैं बाल अवस्था में होने वाले टॉन्सिल्स एक सामान्य संक्रमण होता है। टॉन्सिल्स एक तरह का संक्रमण से रक्षा करने वाला शरीर का एक अंग है जो एक तरह से रक्षा तंत्र के रूप में कार्य करता है। जब टॉन्सिल्स संक्रमण से रक्षा करते में संक्रमित हो जाता है तब ऐसी स्थिति को टॉन्सिलाइटिस नाम से संबोधित करते हैं।

                                    

टॉन्सिलाइटिस की समस्या के लक्षण (Symptoms of tonsilitis problem)

टॉन्सिल्स के लक्षणों में सर्वप्रथम

1. टॉन्सिल्स में सूजन होना,

2. गले में खराश होना,

3. टॉन्सिल्स के कारण बुखार होना

टॉन्सिल्स में तीन सबसे बड़े लक्षण माने जाते हैं। टॉन्सिल्स में ऐसी स्थिति संक्रमण के कारण अथवा विभिन्न प्रकार के जीवाणु या वायरस के कारण उत्पन्न हो जाती हैं। उदाहरण के तौर पर स्ट्रेप्टोकोकल बैक्टीरिया जो कि स्ट्रेप थ्रोट (एक जीवाणु संक्रमण के कारण गले में सूजन एवं दर्द होता है) का कारण बनता है। स्ट्रेप थ्रोट के कारण होने वाले टांसिलाइटिस का यदि उपचार ना कराया जाए तो वह बेहद गंभीर रुप ले लेते हैं एवं कई प्रकार की जटिलताएं भी पैदा कर सकते हैं।

 

भारत में टॉन्सिलाइटिस की समस्या अस्पतालों के आधार पर अध्ययन किये जाने पर पाया गया कि क्रोनिक टॉन्सिलाइटिस के रोगियों की सबसे सामान्य आयु 11 से 20 वर्ष है इतनी आयु के 56 प्रतिशत मामले देखे गये हैं। इसके अलावा पुरुषों का अनुपात महिलाओं के अनुसार अधिक पाया गया पुरुषों का अनुपात 62 प्रतिशत एवं महिलाओं का अनुपात 38 प्रतिशत पाया गया।

टॉन्सिल्स का उपचार (Treatment of tonsils)

हल्दी थोड़ी कुटी हुई, सेंधा नमक, बायविडंग (थोड़ा कुटा हुआ) प्रत्येक वस्तु को 2 - 2 ग्राम की मात्रा में ले या लगभग आधा आधा चम्मच ले लें तीनों सामग्रियों को आधा लीटर (500 ml) पानी में 5 मिनट तक उबालें उसके बाद उस पानी को साफ कपड़े से छान कर थोड़ा गुनगुना रहने पर या सहनशक्ती के अनुसार नित्य दो बार गरारे करें जिसमें एक बार रात में सोते समय अवश्य करें 1 सप्ताह मैं ही धीरे धीरे रोग में आराम मिलना शुरू हो जाएगा। विशेष टॉन्सिल्स में गाजर का रस प्रतिदिन सेवन करना लाभकारी माना जाता है इस रस को सेवन करने का समय दोपहर के बाद एवं शाम होने से पहले या कहें की 3:00 से 4:00 के बीच करना उचित रहता है की इसकी रस की कम से कम 150 ml की मात्रा का सेवन करना चाहिए लगातार 2 - 3 माह तक सेवन करें यह प्रयोग कॉड लिवर ऑयल का सबसे अच्छा विकल्प है। 2. टॉन्सिल की सूजन में केवल गर्म पानी एक गिलास में सेंधा नमक आधा चम्मच डालकर गरारे करने से आराम मिल जाता है। दिन में दो से तीन बार नमक वाले पानी से गरारे करें।

tonsils ek aisi samasya hoti hai jisme insaan ke gale ya throat me swelling aa jati hai or or is situation me insaan ke gale kaafi dard bhi hota hai is samasya me insaan ka kuch bhi khana ya pina bahut mushkil ho jata hai is samasya ke liye tonsils ki samasya ka gharelu upchar upar bataya gaya hai is tonsils ki samasya ka gharelu upchar se aap apni samasya me aaram paa sakte hai