Home remedies for worms in stomach and intestines (pet ke keede khatam karne ke liye gharelu ilaaj) sagarvansi ayurveda

पेट में व आंतों में पनप रहे कीड़ों की छुट्टी कर देगा यह घरेलू उपचार / Home remedies for worms in stomach and intestines (pet ke keede khatam karne ke liye gharelu ilaaj)

पेट के कीड़ों को पेट में ही नष्ट करने का घरेलू उपाय

पेट में कीड़ों की समस्या अधिकतर छोटे बच्चों में देखी जाती है परंतु ऐसा बिल्कुल नहीं है कि यह छोटे बच्चों के अलावा बड़ों में नहीं होती। यह समस्या यानी पेट में कीड़े पड़ने की समस्या छोटे या बड़े किसी को भी उत्पन्न हो सकती है। इस समस्या में मानव शरीर के पेट में कीड़े उत्पन्न हो जाते हैं और मानव द्वारा खाया गया भोजन मानव के बजाय पेट में पनप रहे कीड़ों की भूख मिटाता है। जिससे धीरे-धीरे मानव को शरीर में कमजोरी जल्दी थकान सी महसूस होने लगती है। पेट में कीड़े पड़ने से समस्या से ग्रसित व्यक्ति के पाचन क्रिया पर भारी असर पड़ता है या कहे कि पाचन क्रिया कमजोर होने लगती है। पीड़ित व्यक्ति में पाचन क्रिया के कमजोर होने से व्यक्ति को भूख भी कम लगती है। इस रोग की पहचान अधिकतर तब हो पाती हैजब किसी व्यक्ति को कभी अचानक से पेट में दर्द हो उठता है और तब किसी चिकित्सक के माध्यम से जांच कराने पर पता लगता है कि पेट में कीड़े या क्रमी उत्पन्न हो गए हैं। यदि चर्चित समस्या का उचित समय पर उचित उपचार न किया जाए तो यह कीड़े कुछ समय के बाद फेंफडों तक पहुंच जाते हैं जो आगे चलकर अस्थमा की समस्या को जन्म देते हैं। इस समस्या को छोटे बच्चों में पहचान करने का एक लक्षण है कि यह समस्या जब किसी छोटे बच्चे को उत्पन्न होती हैं तो उनके शारीरिक विकास में रुकावट आने लगती है और पेट में कीड़े होने से बच्चे अधिकांश पेट में दर्द होने की शिकायत करते हैं।

 

छोटे बच्चों व बड़े लोगों के पेट में कीड़े होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे कम पका हुआ भोजन या संक्रमित जलपान करना या साफ सफाई का ध्यान ना रखने से भी कीड़े आंतों में पनपने लगते हैं।

 

पेट में कीड़े होने के लक्षण

1.  वजन कम होना

2. जी मिचलाना या उल्टी आना

3. पेट दर्द होना

4. जीभ सफेद होना

5. मुंह से दुर्गंध आना

6. आंखें लाल होना

7. गुप्तांगों पर खुजली होना

8. गालों पर धब्बे होना

9. मल त्याग करते समय खून आना या रक्त स्त्राव होना

10.  दस्त लगना

 

उपचार

3 साल से 5 साल तक के बच्चों के लिए उपचार

अजवाइन का चूर्ण आधा ग्राम की मात्रा में लेकर समभाग गुड में गोली बनाकर दिन में 3 बार खिलाने से सभी प्रकार के पेट के कीड़े नष्ट हो जाते है।

 

दूसरा उपचार प्रातः उठते ही बच्चों को 10 ग्राम और बड़े व्यक्तियों को 25 ग्राम गुड़ खाकर 12 से 15 मिनट आराम करें इससे आंतों में चिपके हुए सभी कीड़े निकल कर एक जगह जमा हो जाएंगे फिर बच्चों आधा ग्राम और बड़ों को 1 से 2 ग्राम की मात्रा में अजवाइन का चूर्ण बासी पानी के साथ खाएं इससे आंतों में मौजूद सभी प्रकार के कीड़े नष्ट होकर मल के साथ मल के रास्ते से शीघ्र ही बाहर आ जाएंगे।

 

तीसरा उपचार अजवाइन का चूर्ण आधा ग्राम की मात्रा में चुटकी भर काला नमक मिलाकर रात के समय नित्य गर्म पानी के साथ देने से बालकों के कृमि नष्ट हो जाते हैं व बड़े व्यक्ति अजवाइन का चूर्ण 4 भाग व काला नमक की मात्रा एक भाग तैयार मिश्रण में से 2 ग्राम चूर्ण गर्म पानी के साथ सेवन करें।

विशेष दूषित जल के सेवन से बच्चों के पेट में कृमि से बचने के लिए भी इस विधि से सेवन करना चाहिए इससे वायु गोला और अफारा का नाश होता है।

 

चौथा उपचार केवल अजवाइन का चूर्ण आधा ग्राम की मात्रा में 60 से 70 ग्राम की मात्रा में मट्ठे या छाछ के साथ और बड़े व्यक्तियों को 2 ग्राम की मात्रा में 125 ग्राम मट्ठे के साथ देने से पेट के कीड़े नष्ट होकर मल के साथ बाहर निकल जाते हैं।

विशेष  3 दिन से 1 सप्ताह तक आवश्यकतानुसार लें। इससे पेट के कीड़े दूर होकर बच्चों का सोते समय दांत किटकिटाना और चबाना दूर होता है अजवाइन एक कृमिनाशक अत्यंत उत्तम औषधि है। मिठाई, गरिष्ट पदार्थ, नशीले पदार्थ का सेवन बंद कर दें। टाफी, चॉकलेट और मीठी वस्तुओं का सेवन बंद कर दें। जिन व्यक्तियों को रात में बार - बार पेशाब करने की आदत हो उन्हें भी इससे लाभ मिलता है। कृमी जन्य सभी विकार दूर होने के साथ-साथ अर्जीण आदि रोग भी कुछ दिनों में दूर हो जाते हैं।