sote me bistar par peshaab karne ki samasya ka gharelu upchar home remedy for bed wetting sagarvansi ayurveda

बिस्तर पर पेशाब करने की आदत से छुटकारा पाने के लिए घरेलू उपचार / sote me bistar par peshaab karne ki samasya ka gharelu upchar home remedy for bed wetting

बिस्तर पर पेशाब करने की आदत से छुटकारा पाने के लिए घरेलू उपाय (Bed Wetting)

 

छोटे बच्चों में अधिकतर रात के समय बिस्तर पर पेशाब करने की समस्या देखी जाती है और उनमें से कुछ ऐसे भी होते हैं जिनको बिस्तर पर ही पेशाब करने की आदत हो जाती है। परंतु ऐसा नहीं है कि वह ऐसा जानबूझकर करते हैं अर्थात सोच समझ कर बिस्तर पर पेशाब कर लेते हैं। दरअसल ऐसा रात में बहुत तेज पेशाब आने के कारण होता है। जब बच्चे बहुत गहरी नींद में होते हैं और उस गहरी नींद में होने के कारण वह बिस्तर से उठ नहीं पाते परंतु बच्चे की इंद्रियों का ठीक तरह से या कुशलता पूर्ण काम करने के कारण उस बच्चे का पेशाब बिस्तर पर ही निकल जाती है। साधारण तौर पर छोटे बच्चों में यह समस्या आम होती है परंतु जब बच्चे की उम्र लगभग 8 से 10 वर्ष की हो तब या उस उम्र के दौरान यदि बच्चे में यह समस्या देखी जाती है या नींद में बिस्तर गिला करने की समस्या देखी जाती है तब यह चिंता का विषय बन जाता है। इस उम्र में इस समस्या का देखा जाना का अर्थ है कि कोई समस्या या बीमारी उपरोक्त समस्या का कारण बनी हुई है। देखा गया है कि वयस्क व्यक्ति के यूरिनरी ब्लैडर (शरीर में जहां मूत्र एकत्रित होता हे) के मुकाबले छोटे बच्चों का यूरिनरी ब्लैडर छोटा होता है और वह अधिक समय तक पेशाब को रोक नहीं पाते जिसकी वजह से वह बिस्तर गीला कर देते हैं। कभी-कभी यह उपरोक्त समस्या  किसी बड़ी समस्या या बीमारी के कारण भी हो सकता है।

 

बिस्तर गिला करने के कारण

* किडनी या ब्लड में इन्फेक्शन होना।

* रात में पेशाब ज्यादा बनना

* शराब या कैफीन के अधिक सेवन से भी वयस्कों को बार बार पेशाब आती है।

* ब्लैडर में पेशाब जमा होने की क्षमता  में कमी होना।

* कुछ ऐसी दवाओं का सेवन जिन से पेशाब अधिक बनता है।

 

घरेलू उपचार

1. यदि बच्चा रात को सोते - सोते बिस्तर पर पेशाब करता है तो एक अखरोट की गिरी को 5 ग्राम किसमिस के साथ रोजाना सुबह नित्य एक बार खिलाएं  इस प्रयोग से 1 सप्ताह से 10 दिन में आराम मिल जाएगा।

2. ठंड लगने की वजह से कई बार बच्चे रात को बिस्तर में पेशाब कर देते हैं ऐसी स्थिति में जरूरी है कि बच्चे के शरीर को अंदर से गर्मी मिले। गुड़ के सेवन से शरीर में गर्मी आती है जिससे बिस्तर पर पेशाब करने में कमी आने लगती है। इसके लिए प्रतिदिन सुबह गुनगुने दूध के साथ बच्चे को गुड़ खाने को दें।

3. बिस्तर गिला करने से रोकने के लिए बच्चे को सोने से पहले 1 ग्राम अजवाइन का चूर्ण खिलाए या फिर अजवाइन को पानी में मिलाकर इसका काढ़ा बना लें और बच्चे को पिलाएं लगातार कुछ दिन इस प्रयोग को करने से बेड वेटिंग की समस्या दूर होने लगती है।

4. पानी में जायफल घिसकर इसका एक चौथाई चम्मच एक कप गुनगुने दूध में मिलाकर सुबह और शाम बच्चे को पिलाने से बिस्तर गिला करने की समस्या का समाधान हो जाता है।

5. गुर्दे और मूत्राशय में इन्फेक्शन के कारण भी बड़ों और बच्चों को रात में बार बार पेशाब करना या रुक रुक कर पेशाब आने की बीमारी होने लगती है। क्रेनबेरी जूस इसके लिए बहुत फायदेमंद है। रात को सोने से 1 घंटे पहले बच्चों को क्रेनबेरी का जूस पिलाएं। 6. रात में सोने से पहले थोड़ी किशमिश पानी में भिगो दें और सुबह सुबह खाली पेट इस देसी नुस्खे के प्रयोग से भी बच्चे का बिस्तर पर पेशाब करने की समस्या मैं रोकथाम होती है।

7. दालचीनी के प्रयोग से शरीर में गर्मी आती है। जिससे बिस्तर पर पेशाब करने की समस्या से छुटकारा मिलने लगता है।

8. बच्चे का बिस्तर पर पेशाब करने की समस्या के उपाय के लिए रोजाना सुबह एक कप ठंडे दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर पिलाएं और साथ ही गुड़ और तिल से बना एक लड्डू खाने को दें। ध्यान रहे लड्डू खाने के बाद ही बच्चे को दूध पिलायें और दूध में चीनी ना मिलाएं।

 

घरेलू उपचार के साथ ध्यान देने वाले कुछ तथ्य

* नींद में बिस्तर गीला करने की समस्या कई बार बड़े लोगों को भी होती है बच्चे हो या वयस्क बेड वेटिंग से बचने के लिए इलाज के साथ कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

* रात में 1:00 से 2:00 के दौरान बच्चे को बाथरूम में ले जाकर पेशाब करवाएं।

* शाम को 8:00 बजे के बाद ज्यादा पानी का सेवन ना करें और रात को सोने से पहले एक बार पेशाब जरूर करना चाहिए।

* बच्चों के सोने वाले कमरे में रात को हल्की रोशनी होनी चाहिए ताकि रात को पेशाब लगने पर बच्चा बाथरूम जाकर पेशाब कर सके।

* सुबह को बच्चे का बिस्तर गिला ना देखने पर बच्चे की तारीफ करें।

* कुछ बच्चे रात में पेशाब लगने पर किसी प्रकार के डर के कारण बाथरूम नहीं जाते और बिस्तर पर ही पेशाब कर देते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे के साथ बात कर उसका डर दूर करने की कोशिश करें।

* नींद में बार बार पेशाब करने पर बच्चे को डांटे नहीं और ना ही उसे शर्मिंदा महसूस होने दें बल्कि उससे प्यार से बात करें।

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