How improve weak memory in a short period of time sagarvansi ayurveda

कम समय में कमजोर स्मृति में सुधार करने के लिए एक सरल घरेलू उपाय / How improve weak memory in a short period of time

आजकल के इस कठिन दौर में मनुष्य अपने जीवन शैली को उत्तम बनाने के लिए दिन-रात कठोर परिश्रम कर रहा है। कुछ लोग शारीरिक परिश्रम करते हैं और कुछ मानसिक परिश्रम करते हैं। मानसिक परिश्रम करने वाले व्यक्ति अपने मस्तिष्क पर इतना जोर देते हैं कि कुछ कहना ही क्या ऐसे मनुष्य अपने मस्तिष्क पर ज्यादा जोर देकर तमाम दिक्कतों का सामना करते रहते हैं। वह दिक्कतें कुछ इस प्रकार हैं आंखों की कमजोरी, आंखों की थकान, सिर में दर्द महसूस करना, स्मरण शक्ति की कमजोरी, मस्तिष्क की कमजोरी आदि। आइए हम आपको इन समस्याओं का एकदम सरल व घरेलु उपाय बताने जा रहे हैं।

स्मरण शक्ति की कमजोरी (Weak Memory)
7 दाने बदाम गिरी सायं काल किसी कांच के बर्तन में जल में भिगो दें। प्रातः उनका  छिलका उतारकर बारीक पीस लें। यदि आंखें कमजोर हो तो साथ में चार काली मिर्च पीस लें। इसे उबलते हुए 250 मिलीग्राम दूध में मिलाएं।  तीन बार उबाल आने पर नीचे उतार कर एक चम्मच देसी घी और दो चम्मच बुरा (या चीनी) डालकर ठंडा करें। पीने लायक गर्म रह जाने पर इसे आवश्यकतानुसार 15 दिन से 40 दिन तक लें। यह दूध मस्तिष्क और स्मरण शक्ति की कमजोरी दूर करने के लिए अति उत्तम होने के साथ वीर्य बलवर्धक है। 

विशेष
(1) यह बादाम का दूध सर्दियों में विशेष लाभप्रद है और दिमागी मेहनत करने वाले एवं विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है। प्रातः खाली पेट दूध को लेने के बाद 2 घंटे तक कुछ ना खाएं पिएं।
(2) उपरोक्त बादाम का दूध 3 से 4 दिन पीने से आधे सिर के दर्द में आराम होता है।
(3) बदाम को चंदन की तरह रगड़ने के समान बारीक पीसना खूब चबाकर मलाई की तरह कोमल बनाकर सेवन करना आवश्यक है। इससे बदाम आसानी से हजम हो जाने पर पूरा लाभ मिलता है और कम बदाम से भी अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है।  

अन्य विधि
यदि उपरोक्त तरीके से बादाम का दूध लेना संभव ना हो तो सात भिगोई हुई बादाम की गिरी छीलकर (चार काली मिर्च के साथ पीसकर बारीक करके अथवा वैसे ही) एक-एक बादाम को नित्य प्रातः खूब चबा-चबाकर खा लें और ऊपर से गर्म दूध पी लें। स्मरण शक्ति की वृद्धि के साथ साथ इससे आंखों के अनेक रोग जैसे आंखों की कमजोरी, आंखो का थकना, आंखों से पानी गिरना, आंख आना आदि दूर हो जाते हैं। 

विकल्प 
3 ग्राम (एक चायवाला चम्मच भर)
शंखपुष्पी का चूर्ण दूध या मिश्री की चासनी के साथ रोजाना प्रातः 3 से 4 सप्ताह (विशेषकर गर्मियों में) तक लेने से स्मरण शक्ति बढ़ती है और मस्तिष्क की दुर्बलता दूर होती है तथा विश्लेषणात्मक बुद्धि बढ़ती है। हरी शंखपुष्पी (पचांग) 10 ग्राम घोट-छानकर दूध मिलाकर ठंडाई की भांति भी ले सकते हैं।