aakhon ki sunderta badhane ka gharelu upchar home remedy for naturally beautiful eyes sagarvansi ayurveda

आँखों की प्राकृतिक चमक और सुंदरता के लिए घरेलू उपचार / aakhon ki sunderta badhane ka gharelu upchar home remedy for naturally beautiful eyes

आंखों की प्राकृतिक सुंदरता और चमक बढ़ाने का घरेलू उपचार

 

आंखें कुदरत द्वारा दिया गया काफी अनमोल उपहार है। कुदरत के द्वारा प्रदान किए गए उपहार का भली-भांति या बहुत अच्छी तरह देखभाल करना चाहिए परंतु मनुष्य इस उपहार को उपयुक्त तरह से देखभाल या देखरेख करने में असमर्थ रहते हैं या ठीक तरह से देखरेख नहीं  करते हैं। जिसके फलस्वरूप आंखें अपनी प्राकृतिक सुंदरता, चमक अथवा गुणवत्ता खो देती हैं। सुंदर चमकदार आंखें मनुष्य के व्यक्तित्व को आकर्षित बनाती हैं।  आंखों की सही देखरेख करने के लिए मनुष्य को करतल क्रिया जो कि एक तरह से आंखों का व्यायाम होता है। इस क्रिया के बारे में चर्चा अथवा करतल क्रिया  करने की विधि हम अपने पूर्व लेख में लिख चुके हैं। आप चाहें तो नेत्र संबंधित समस्याओं की सूची में देख सकते हैं उसका लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा ठंडे पानी से नेत्र धोना भी आंखों के लिए काफी लाभदायक होता है। आज के दौर में धूल मिट्टी प्रदूषण के चलते मनुष्य की आंखों को कई प्रकार की समस्याएं झेलनी पड़ती है इन समस्याओं के अलावा आज के समय में कई प्रकार के उपकरणों को लगातार काफी लंबे समय तक निरंतर प्रयोग अधिक प्रयोग करने के कारण भी मनुष्य की आंखों  काफी परेशानियों का सामना करती हैं परेशानी झेलनी पड़ती हैं। कुदरत के द्वारा दिए गए अनमोल उपहार की देखरेख करने की प्राकृतिक सुंदरता चमक बढ़ाने के लिए घरेलू उपचार बताए जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर या उपयोग कर उपरोक्त समस्या में लाभ पा सकते हैं।

          

आँखों की प्राकृतिक चमक और सुंदरता के लिए घरेलू उपचार

 

आँखें के लिए त्रिफला जल का प्रयोग - प्रातः मुंह में साधारण पानी भरकर गाल फुलाते हुए  त्रिफला जल से हल्के हल्के छींटे देते हुए आंखों को भली प्रकार से धोएं इस प्रकार नेत्रों को नित्य धोने से समस्त नेत्र रोग मिटते हैं और नेत्रों की ज्योति मंद नहीं होती या कहें कि कमजोर नहीं हो पाती है। यदि नेत्रों के कारण सिर में दर्द की समस्या हो तो वह भी ठीक हो जाती है। पलकों और भोंहों के बाल काले बने रहते हैं, नेत्रों का पीलापन, नेत्रों में जलन, नेत्रों में खुजली मिटती है और नेत्रों में प्राकृतिक चमक पैदा होती है।

 

सहायक उपचार

खाने के लिए घर में बना त्रिफला चूर्ण और पिसी हुई मिश्री समान मात्रा में मिलाकर बारीक महीन पीस लें और उत्पन्न मिश्रण को एक साथ शीशी में भरकर रख लें इसमें से 4 ग्राम लगभग एक चम्मच की मात्रा में उतना ही शहद मिलाकर खाली पेट प्रातः एवं सायं चाट लें और ऊपर से अंदाजे से 250 ग्राम की मात्रा में दूध पी ले यह प्रयोग 2 से 3 माह तक करें यह प्रयोग  आंखों के सभी रोग दूर कर देता है और आंखें निर्मल होकर चमकने लगती हैं। यह एक रसायन है एवं इसके सेवन काल में यदि सात्विक भोजन करें और यथाशक्ति ब्रह्मचर्य का पालन करें तो शीघ्र लाभ मिलता है। इसके अलावा नेत्र ज्योति वृद्धावस्था में भी नव युवकों के समान बनी रहती है।

 

आंखों को सुंदर बनाने के लिए उपरोक्त त्रिफला जल से प्रातःआँखें  धोने के बाद बदाम के तेल या जैतून के तेल की आंखों के चारों ओर हल्के - हल्के हाथों से या नरमी से मालिश करें तो आंखों के पपोटे चिकने कोमल बनेंगे तथा आंखों के चारों ओर की त्वचा पुष्ट बनेगी।

 aaj ke is daur me pollution se bhari hawaon me ya or bhi kai prakaar ke pollution ke kaaran aakhon ko kaafi pareshaniyon ka saamna karna padta hai ye pollution aapki or humari zindigi me bilkul ghul gaya hai par ye pollution ki maar aapke or humare kaafi angon (body parts) nukshan paunchata hai jisme se ek shareer ka ang hai aankh ya eyes pollution se aakhon ko kaafi nuksaan hota hai or wo apni prakritik chamak kho deti hai is samasya ke liye aakhon ki sunderta badhane ka gharelu upchar bataya gaya hai is aakhon ki sunderta badhane ka gharelu upchar se aap apni samasya me laabh paa sakte hai