Simple treatment of eye problem "Sty" sagarvansi ayurveda

आंखों की साधारण सी समस्या गुहेरी का आसान का इलाज / Simple treatment of eye problem "Sty"

आँखों के साधारण से विकार

जैसे कि मैंने अपने पहले की पोस्ट में आप सभी लोगों को आँखों की बीमारी मोतियाबिंद और चश्मा छुड़ाने के बहुत ही साधारण से उपचार बताए थे। आज मैं आपको आँखों से जुड़े कुछ और साधारण परंतु अत्यंत दर्शनीय समस्याओं के बारे में अवगत कराने जा रहा हूं। "आँखें"  जैसे की आप सभी जानते हैं की मानव शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग आंखों को कहा जाता है क्योंकि आँखों के सहारे ही तो मानव अपने बचपन से लेकर बुढ़ापे तक का सफर खुद देख सकता है और महसूस करता है क्योंकि आंखें ही एक ऐसा अंग है जिसके द्वारा या जिसकी सहायता से मनुष्य हर - लम्हा, हर - घड़ी, हर - पल को देख पाता है। आँखें ईश्वर द्वारा दिया गया सबसे अनमोल अंग है। इसका अधिक ध्यान देना आवश्यक है अन्यथा छोटी - छोटी दिक्कतें कब बड़ी समस्या का रुप ले लें इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता कुछ ऐसे छोटे-छोटे आँखों के विकार हैं जिन पर ध्यान ना दिया जाए तो वह अत्यंत पीड़ादायक होते हैं। ऐसी समस्याओं में एक है आंखों की गुहेरी (Sty) और दूसरा है आँखों की का लालपन और दुखना यह दोनों ही आँखों की आम परेशानी है परंतु अत्यंत पीड़ादायक है।

 

उपचार

आँखों की गुहेरी इमली के बीज गिरी यानी की इमली के बीज के अंदर निकलने वाला सफेद भाग को चंदन के समान पत्थर पर घिसकर गुहेरी पर लगा लें इमली के अंदर के बीज के सफेद भाग को घिसकर लगाने से गुहेरी में शीघ्र ही ठंडक मिलने लगेगी और गुहेरी में भी कुछ ही घंटों में आराम हो जाएगा और गुहेरी का निशान तक नहीं मालूम पड़ेगा इस क्रिया से गुहेरी खत्म हो जाती है और पुनः नहीं होती।

 

विशेष

1. उपरोक्त क्रिया में इमली के बीजों को इस्तेमाल करने से पहले उनको कम से कम 3 दिन तक पानी में भिगोकर रखना चाहिए जिससे इमली के बीज का ऊपरी छिलका उतर जाए और अंदर का सफेद भाग का उपयोग किया जा सके। 

2. इमली के छिलका रहित बीज सफेद भाग को पानी में घिसकर बिच्छू के काटने या बिच्छू के दंश की जगह पर इस इमली के बीज को पानी में घिसकर लगाने से यह दंश के स्थान पर चिपक कर सारा ज़हर शरीर में से अपने औषधीय गुण की वजह से बाहर निकाल देगा और सारा ज़हर चूसकर ही उस स्थान से हटेगा।

सहायक उपचार

सूर्य के सामने अपनी खाली हथेली पर अपने सीधे हाथ (Right Hand) की सांकेतिक मतलब तर्जनी उंगली (अंगूठे के बगल वाली उंगली)  को हथेली पर इतना घिसे कि वह गर्म हो जाए और फिर उस गर्म उंगली को उठ रही गुहेरी पर कई बार सेक करने से गुहेरी में काफी लाभ मिलता है।

 

बार-बार गुहेरी निकलने की समस्या

1. सुबह व सायं 3 ग्राम त्रिफला चूर्ण गाय के दूध के साथ सेवन करें इससे गुहेरी का बार-बार निकलना बंद हो जाएगा। 1 सप्ताह से 2 सप्ताह तक लें।

2. सदैव अपने गुप्त अंगों की सफाई ठीक से करें।

आंखों का दुखना : 2 रत्ती फिटकरी को महीन पीस कर 30 ग्राम गुलाबजल में मिला लें ड्रापर की सहायता से लोशन की दो-दो बूंद की मात्रा में दिन में दो या तीन बार आंखों में डालने से आंखों का दर्द, लाल पन, दूर होगा और कीच गीड़ का अधिक आना बंद होगा। यह दुखती हुई आंखों के लिए एक श्रेष्ठ दवा है। यदि गुलाबजल ना मिले तो गुलाब जल की जगह डिस्टिल्ड वाटर या उबला हुआ पानी ठंडा करके इस्तेमाल कर सकते हैं।