The easiest way to increase eye sight and get rid of eyeglasses In Hindi sagarvansi ayurveda

आंखों की रोशनी बढ़ाने का व चश्मे से छुटकारा पाने का सबसे आसान तरीका / The easiest way to increase eye sight and get rid of eyeglasses In Hindi

आँखों की रोशनी बढ़ाए  चश्मा छुड़वाए

भगवान की सबसे अद्भुत रचना में मानव शरीर आता है। मानव शरीर में दिए हुए सभी अंग अनमोल हैं उनमें भी सबसे अनमोल आंखों को माना जाता है क्योंकि आंखों के जरिए ही मनुष्य अपने मन की बातों को या कल्पनाओं को अपने मुख से प्रकट कर सकता है। मनुष्य की आंखें एक तरह से तन और मन दोनों का दर्पण है। आंखों के बिना मनुष्य सुख - दुख, दिन - रात, धूप - छांव, बसंत - पतझड़ इत्यादि किसी भी घड़ी या समय का प्रत्यक्ष रुप नहीं देख सकते हैं। प्रकृति के दिए इस सबसे सुंदर वरदान की हमें भली भांति देखभाल करनी चाहिए परंतु आज के इस दौर में मनुष्य अपनी आंखों की देखभाल नहीं कर पाता है क्योंकि जैसे आंखें प्रकृति का दिया हुआ सबसे अनमोल तोहफा है वैसे ही यह प्रकृति के द्वारा दिया हुआ मानव शरीर का बहुत ही नाजुक अंग है। इस अंग का विशेष ध्यान या देखभाल करनी चाहिए क्योंकि आंखों की ठीक तरह से देखभाल या आंखों को अधिक तनाव देने से आंखों की रोशनी मंद या कम होने लगती है और ऐसी अवस्था में व्यक्ति को नजरों का चश्मा या आंखों में लेंस लगाना ही एकमात्र उपाय बचता है। नेत्रों की दृष्टि कम होने से आप को दूर या पास की वस्तु देखने में या लिखने पढ़ने में या अन्य कार्यों को करने में बाधा उत्पन्न होने लगती है। परंतु आयुर्वेद में कमजोर दृष्टि को सही या तेज करना और चश्मा लगे व्यक्तियों को बिना चश्मा देखने की ताकत व आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए उपचार मौजूद हैं।

 

कमजोर दृष्टि होने के प्रमुख कारण

1. अधिक तेज प्रकाश जैसे वेल्डिंग का कार्य करना सूर्य के प्रकाश या चंद्रग्रहण को लगातार या काफी समय तक देखते रहना बल्ब के काफी नजदीक होकर काम करना यह सभी कारणो से  उत्पन्न किसी ना किसी प्रकार की चमक आंखों के लिए हानिप्रद है।

2. आंखों को धूल, धूप और धुऐं से भी काफि खतरा बना रहता है।

3. किसी दूसरे व्यक्ति के चश्मे का इस्तेमाल करते रहने से।

4. सिर पर अधिक गर्म पानी डालना, पंखे - कूलर के सामने आंखें खोल कर बैठना, आंधी, तेज हवा, उड़ती हुई रेत या धूल के समय आंखों पर चश्मे का प्रयोग ना करना आदि कारण आंखों को कमजोर बनाने में काम करते हैं।

5. कंप्यूटर - लैपटॉप, टेलीविजन, मोबाइल जैसे उपकरणों के साथ अधिक व्यस्त रहना या उपकरणो का अधिक प्रयोग करना भी आंखों की दृष्टि क्षमता को मंद या कम करने में मुख्य भूमिका निभाते हैं।

              

उपचार विधि

आंखों की रोशनी बढ़ाने और चश्मा छुड़ाने के लिए अचूक उपाय : बादाम गिरी, सौंफ (बड़ी) साफ की हुई, मिश्री कूजा इन तीनों सामग्री को बराबर या समान अनुपात में लेकर बारीक या महीन पीस कर चूर्ण बना लें और इस तैयार किए हुए चूर्ण को एक साफ काँच की शीशी या किसी पूर्णता साफ स्टील के डिब्बे में रख लें इस मिश्रण को रात में सोते समय 10 ग्राम की मात्रा में 250 मिलीलीटर दूध के साथ 40 से 45 दिन तक लगातार सेवन करने से नेत्रों की दृष्टि इतनी तेज हो जाएगी कि व्यक्ति को चश्मे की जरा भी आवश्यकता नहीं महसूस होगी जिसकी वजह से व्यक्ति को चश्मा लगाने का बोझ नहीं सहना पड़ेगा। उपरोक्त औषधि के नियमित बताए गए प्रयोग से दिमागी कमजोरी, दिमाग की गर्मी, बातों को भूल जाना, दिमागी फितूर जैसी समस्याएं भी दूर हो जाएंगी।

 विशेष : बच्चों को आधी मात्रा में दें उपरोक्त औषधि का लाभ पूर्णतः पाने के लिए बताई गई औषधि के सेवन के बाद कम से कम 2 घंटे तक जल का सेवन ना करें यदि औषधि के मिश्रण में बताई गई कूजा मिश्री ना मिल पाए तो साधारण मिश्री भी मिला सकते हैं। बताई गई कूजा मिश्री एक विशेष तरीके से मिट्टी के बर्तन में बनाई जाती है। इस मिश्री को अधिक शीतल माना जाता है।

सहायक उपचार

1.  प्रातः उठते ही मुंह में ठंडा पानी भरकर मुंह फुला कर ठंडे पानी से अपने नेत्रों पर छींटे मारने चाहिए ऐसा दिन में दो - तीन बार करें।

2.  त्रिफला के पानी से आंखों को धोना : आंवला, हरड़ और बहेड़ा (गुठली के साथ) तीनों को समान मात्रा में मिलाकरथोड़ा मोटा मोटा कूटकर किसी शीशी में भरकर रख लें और रोज शाम के समय इसमें से 10 ग्राम त्रिफला चूर्ण नए मिट्टी के बर्तन या छोटी मटकी में 200 मिलीलीटर पानी में डालकर भिगोकर रख दें और सुबह मसल - मसल कर छान लें इस छने हुए पानी से हल्के - हल्के हाथों से आंखों में छींटे देकर धो लें इससे नेत्रों की ज्योति के साथ-साथ नेत्रों के अनेक विकार ठीक होते हैं और नजर भी तेज होती है। त्रिफला के पानी से लगातार 2 माह तक नेत्रों में छींटे देने से नेत्रों के आगे अंधेरा छाना, नेत्रों में खुजली होना, दर्द होना, लाल हो जाना, कम सूझना, जाला आ जाना, आदि समस्याओं का खात्मा होता है।

3.  सरसों के तेल से पैर के तलवों में रोजाना मालिश करने से और नहाने से पूर्व अपने दोनों पैरों के अंगूठे को तेल से तर करने से नेत्र ज्योति बढ़ती है तथा आंखों के रोग नहीं होते।

4.  प्रतिदिन दो बार 2 - 3 माह तक गाजर के जूस का सेवन करें, गाजर टमाटर का भी सेवन करें।

अन्य ध्यान देने वाले तथ्य

1. किसी भी प्रकार के रासायनिक पदार्थों का प्रयोग करते समय आंखों को बचा कर रखें। 2. पढ़ते समय आंखों से पुस्तक के बीच की दूरी 30 सेंटीमीटर से अधिक होनी चाहिए।

3. चांदनी रात में चांद की तरफ देखने से भी आंखों को लाभ मिलता है।

4.सस्ते काजल, सुरमा या आंखों के सौंदर्य बढ़ाने वाले अन्य सौंदर्य प्रसाधन लाभ के स्थान पर हानि पहुंचा सकते हैं। अतः इनसे बचें।

5. किसी भी प्रकार की एकाएक उत्पन्न चमक आंखों के लिए हानिकारक होती है।

6. गर्भवती स्त्री को उचित मात्रा में विटामिन 'ए' युक्त खुराक दें।

7. हरियाली देखने देखना आंखों के लिए लाभप्रद है।

8. सिर पर हेयर ड्रायर का प्रयोग आंखों के लिए हानिकारक होता है।

9. उगते सूर्य को देखना भी आंखों के लिए हानिकारक होता है।