safar me ulti ya vomiting ka gharelu upchaar home remedy for vomiting during traveling sagarvansi ayurveda

साधारण व सफर के दौरान उल्टी की समस्या का घरेलू उपचार / safar me ulti ya vomiting ka gharelu upchaar home remedy for vomiting during traveling

सामान्य उल्टी का घरेलू उपचार (Vomiting Problem)

 

उल्टियां होना काफी आम समस्या होती है। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। उल्टी होना एक साधारण सा विकार है। उल्टी की समस्या में व्यक्ति के पेट में खाना पच नहीं पाता और जी घबराने या मन विचलित सा होने लगता है। आमतौर पर उल्टी से पीड़ित व्यक्ति को या ऐसे व्यक्ति जिसे उल्टी होने वाली हो उस व्यक्ति को 5 से 10 मिनट पहले ही जी मिचलाने लगता है या उल्टी का मन होने लगता है। जी मिचलाना उल्टी जैसा महसूस होना दस्त लगना उपरोक्त समस्याएं पेट या पाचन तंत्र की कमी या कमजोरी के कारण उत्पन्न होती हैं (पाचन तंत्र की कमी को घरेलू उपचार से ठीक करने के लिए आप हमारे वैबसाइट से पाचन तंत्र की कमी का घरेलू उपचार देख सकते हैं) पाचन तंत्र की कमी या समस्या के अतिरिक्त उल्टी होने के और भी कारण होते हैं जैसे समय  बेसमय स्वाद प्रियता के चलते कुछ उल्टा सीधा या गलत खा लेना जो किसी कारण से पच नहीं पाता और ऐसी समस्या के चलते व्यक्ति का जी मिचलाने लगता है। और उसे उल्टी जैसा मन करने लगता है। कुछ व्यक्तियों को सफर करते दौरान उल्टी की समस्या उत्पन्न होने लगती है और जी घबराने लगता है। देखा जाए तो उल्टी कोई खास बड़ी समस्या नहीं होती परंतु यदि पीड़ित को उल्टी में खून का जरा सा भी अंश दिखाई दे तो बात समस्या जनक हो सकती है। ऐसी स्थिति में पीड़ित को जल्द से जल्द किसी प्रशिक्षित डॉक्टर से संपर्क करके पूर्ण स्थिति बतानी चाहिए। उल्टी करते समय थोड़ी समस्या उत्पन्न होती है जैसे कमजोरी होना, हाथ पैर कांपना, उल्टी करने के बाद गले की नसों में थोड़ा सा दर्द महसूस होना, उल्टी से पहले घबराहट रहना इत्यादि।

 

जी मिचलाने और उल्टी होने के कारण 

यूरिन इन्फेक्शन होना

भूख से अधिक खा लेना

सफर के दौरान उल्टी होना

अधिक मदिरा या शराब का सेवन करना

*  किसी प्रकार की दवाई से साइड इफेक्ट होना

एसिडिटी या पेट में गड़बड़ी या प्रेगनेंसी की वजह से उल्टी होना

 

उल्टी को रोकने के लिए घरेलू  उपचार

एक कप पानी में 10 ग्राम शहद को मिलाकर पीने से उल्टी आना रुक जाती है।

उल्टी और अपच में कड़ी के पत्तों को नींबू के रस और चीनी के साथ लेना फायदेमंद होता है।

चावल को पका कर छाछ के साथ सेवन करने से गर्मी, अत्यधिक प्यास, जी मिचलाने तथा अतिसार में लाभ होता है। हींग को पानी में पीसकर पेट पर (नाभि के आसपास) लेप करने से उल्टी बंद हो जाती है और पेट दर्द में भी आराम मिलता है।

जायफल को पानी में घिसकर पिलाने से जी मिचलाना ठीक हो जाता है।

उल्टी में संतरे के रस में थोड़ी सी काली मिर्च और काला नमक मिलाकर लेना भी लाभकारी रहता है।

पुदीने के रस में नींबू का रस प्याज अथवा अदरक का रस एवं शहद मिलाकर पिलाना अथवा अर्क देने से उल्टी दस्त ठीक होते हैं।  

सफर के दौरान उल्टी रोकने के लिए उपचार

सफर की शुरुआत में पुदीना की चाय पीने से उल्टी की समस्या दूर होती है।

जी मिचलाए तो नींबू मैं काली मिर्च और काला नमक डालकर नींबू को चूसें  इससे घबराहट कम होगी एवं जी मिचलाना बंद हो जाएगा और उल्टी करने की इच्छा  भी नहीं होगी।

यात्रा या सफर के दौरान उल्टी से बचने के लिए यात्रा शुरू करने से पहले ही अदरक की चाय पी लें। अगर सफ़र में जी मिचलाना या उल्टी की इच्छा हो तो अदरक का छोटा सा टुकड़ा चबाएं। 

बच्चों की उल्टी की समस्या

*   पेट में गैस के कारण उल्टी रही हो तो इसके लिए चावल का मांड पिलाएं।

*  1 ग्राम हरड़ का चूर्ण शहद के साथ मिलाकर खाने से या चाटने से उल्टी की समस्या नहीं होती

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