Simple home remedies for mouth and tongue ulcers (muh ke chhale) sagarvansi ayurveda

मुंह तथा जीभ के छालों का सरल घरेलू उपाय / Simple home remedies for mouth and tongue ulcers (muh ke chhale)

मुंह के छालों का साधारण उपचार (Muh Ke Chhale/Mouth Ulcers)

मुंह के छाले। देखा जाए तो यह काफी साधारण सा रोग है परंतु यदि ध्यान ना दिया जाए या सही समय पर उचित उपचार ना हो सके तो यह साधारण सा रोग या समस्या भी काफी बड़ा रूप ले लेती है मुंह के छाले जब उचित उपचार मिलने के अभाव में उग्र रूप ले लेते हैं और धीरे-धीरे मुंह से जुबान पर और फिर बढ़ते-बढ़ते गालों से होते हुए गले तक पहुंच जाते हैं और उसके बाद उनमें से खून का भी स्त्राव होने लगता है इस कारण समस्या और बढ़ने लगती है। मुंह के छाले जिस किसी भी व्यक्ति को हो रहे होते हैं तब उस व्यक्ति या छालों से पीड़ित रोगी को किसी भी कार्य में मन नहीं लगता और ना ही कुछ खाने की इच्छा होती है क्योंकि कुछ भी खाने पर मुंह में हो रहे छालों से ग्रसित व्यक्ति को काफी अधिक दर्द जलन जैसी महसूस होती है और यहां तक कि छाले से पीड़ित व्यक्ति को ठंडा या गर्म कुछ भी खाने की इच्छा नहीं होती इसके साथ छाले से ग्रसित व्यक्ती को इतनी तकलीफ होती हे की उस व्यक्ती का किसी से भी बात करने की इच्छा नही होती क्योकि उस दोरान मुँह के द्वारा की जाने वाली किसी भी क्रीया में काफी दर्द महसूस होता है।

इसी कारण से पीड़ित व्यक्ति समस्या के दौरान किसी भी व्यक्ति से बात करने में हिचकिचाता है क्योंकि जरा भी मुँह या जीभ के इस्तेमाल से छालों में काफी दर्द महसूस होता है मुंह के छाले आमतौर पर कई कारणों से हो सकते हैं परंतु मुंह में छाले होने का एक मुख्य कारण है चटपटा, तीखा मसालेदार भोजन का सेवन या इस प्रकार के भोज्य पदार्थों का सेवन होता है।

 

मुंह में छाले होने के कारण

मुंह के छालों की समस्या के कई कारण हो सकते हैं परंतु उपरोक्त चर्चित समस्या के कुछ मुख्य कारण निम्नलिखित हैं।

 1.  कब्ज बने रहना।

2.  विटामिन की कमी होना।

3.  अधिक गर्म खाना खाने की वजह से।

4.  जीभ का कटना।

5.  पेट की बीमारियां या पेट में गर्मी होने के कारण भी मुंह में छाले हो सकते हैं।

6.  अधिक तनाव के कारण भी मुंह में छाले हो सकते हैं।

7.  अच्छी तरह से दातों की सफाई ना करना भी मुंह के छालों का कारण हो सकता है।

8.  मानव शरीर में आयरन की कमी होना भी एक कारण होता है।

9. बुखार होने पर कई बार छालों की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है।

10. कभी-कभी कुछ खाते समय या दातों की सफाई करते समय मुंह में जख्म होने की वजह से भी छाले उत्पन्न हो जाते हैं।

 

उपचार

छोटी हरड़ को बारीक पीसकर छालों पर लगाने से मुंह तथा जीभ के छालों से छुटकारा मिलता है तथा मुखपाक भी मिटता है। जो छाले किसी भी दवा से ठीक नहीं हो रहे हैं इस दवा को लगाने से निश्चित ही ठीक हो जाएंगे। इस औषधि का प्रयोग दिन में दो - तीन बार करें।

विशेष

1.  पेट की सफाई का ध्यान रखें या पेट को अच्छे से साफ रखा जाए।

2. अधिक मिर्च मसालेदार पदार्थों से बचें।

 

विकल्प

1.  रात को भोजन के पश्चात एक छोटी हरड़ मुंह में रखकर चूसें इससे आमाशय और अंतड़ियों के दोषों के कारण महिनो पुराने छाले या काफी समय से ठीक ना होने वाले छाले भी ठीक होने लगते हैं। हरड़ को चूसते रहने से पाचन तंत्र शक्तिशाली हो जाता है, पेट के कीड़े भी नष्ट हो जाते हैं।

2.  तुलसी की चार - पांच पत्तियां नित्य सुबह और शाम चबाकर ऊपर से दो घूंट पानी पिएं मुंह के छाले मुंह की दुर्गंध की समस्या इस क्रीया दूर होती है। 4 से 5 दिन तक खाएं।

3.  2 ग्राम की मात्रा में भुना हुआ सुहागा लेकर उस का बारीक चूर्ण बना लें और उसमें 15 ग्राम ग्लिसरीन मिलाकर रख लें। इस तरल को दिन में दो से तीन बार मुंह जीभ के छालों पर लगाएं। शीघ्र लाभ होगा।

 

बार बार मुंह में छाले होना  जिसे बार बार मुंह के छाले होते हैं उसे टमाटर का अधिक सेवन करना चाहिए और टमाटर के रस में ताजा पानी मिलाकर कुल्ला करने से मुंह, होंठ और जीभ के छाले दूर हो जाते हैं।