The miraculous solution of gas problem in Hindi sagarvansi ayurveda

गैस की समस्या का चमत्कारी उपाय जानिए हिंदी में / The miraculous solution of gas problem in Hindi

गैस की समस्या

गैस की समस्या आजकल के समय में बहुत बड़ी समस्या होती जा रही है क्योंकि गैस की समस्या से काफी लोग प्रभावित होते जा रहे हैं। कभी-कभी तो गैस की समस्या इतनी बड़ी जब विकराल हो जाती है कि पीड़ित को काफी बेचैनी और घबराहट होने लगती है और श्वास फूलने लगती है और पीड़ित को लगता है कि उसका दम घुटा जा रहा है। गैस की समस्या मैं मनुष्य को कब्ज की शिकायत भी होने लगती है और धीरे-धीरे मनुष्य का शरीर या कहें कि मानव शरीर में बीमारियों की मुख्य रूप से स्थापना होने लगती है।

 

एसिडिटी के कारण गैस की समस्या

मनुष्य के पेट में अम्ल की अधिक मात्रा में उपस्थित होने से गैस की समस्या का रोग आरंभ हो जाता है। पेट में मौजूद अम्ल यदि पेट की भीतरी सतह को छू ले तो पीड़ित को असहनीय दर्द उत्पन्न होने लगता है। आमतौर पर इस समस्या का शिकार 40 वर्ष की आयु तक के व्यक्ति होते हैं परंतु आजकल युवा व बच्चे भी इस समस्या का शिकार होते दिख रहे हैं।

 

कारण

मनुष्य के पेट में गैस की समस्या का एक मुख्य कारण है पेट में अत्यधिक मात्रा में अम्ल की उपस्थिति, अपाच्य भोजन, पेट में जलन, इसके अलावा और भी कई कारण होते हैं जैसे वायरल बुखार, इन्फेक्शन, पथरी, ट्यूमर, अल्सर, अत्यधिक भोजन, मानसिक चिंता, शराब का सेवन इत्यदि।

 

गैस की समस्या का उपचार

काली हरड़ को स्वच्छ पानी से धो लें और साफ व स्वच्छ कपड़े से पोंछकर किसी साफ बर्तन में या साफ जगह पर रख लें इस औषधि को दोनों समय के भोजन के पश्चात हरड़ में से एक हरड़ को मुंह में रखकर चूसते रहने से लगभग 50 से 60 मिनट में हरड़ मुँह मैं घुल जाएगी और यह औषधि पेट में गैस व कब्ज नहीं होने देगी और यह औषधि गैस की समस्या के लिए लाभदायक व सर्वश्रेष्ठ औषधि है।

 

विशेष

1. इस औषधि से गैस की समस्या में लाभ के साथ-साथ कइ और भी समस्याओं में भी काफी लाभ प्राप्त होता है। जैसे मानव शरीर के रक्त का साफ होना, पेट की अंतड़ियों में बन रही वायु का नाश होना, तथा जिगर के रोगों में भी लाभ होता है, चर्म रोग में भी लाभ मिलता है, दांतों में मजबूती आती है, आंखों के चश्मे का नंबर गिर जाता है (कम हो जाता है), पाचन क्रिया कुशल हो जाती है।

2. जिन व्यक्तियों की धुम्रपान करने की आदत हो और तमाम प्रयासों के बावजूद छूट नहीं रही हो और स्वतः धुम्रपान करने वाला भी इस बुरी लत को छोड़ना चाहता तो इस औषधि से यह सिगरेट-बीड़ी पीने का अभ्यास भी छूट जाता है।

3. यह औषधि शरीर में खुश्की उत्पन्न करती है इसलिए इसका सेवन करने वाले व्यक्तियों को दूध या घी का सेवन अवश्य करते रहना चाहिए जिससे दूध या घी की चिकनाई से औषधि के द्वारा हो रही खुश्की से निपट सके।

4. औषधि के साथ-साथ नियमित व्यायाम भी परम लाभदायक है और इसके साथ ही भोजन करने का एक सही समय निर्धारित कर लें और उस निर्धारित समय पर ही हल्का व सुपाच्य भोजन ले इसके साथ ही भोजन को निगलने या गटकने से पहले भोजन को अच्छी तरह चबा-चबा कर खाने का अभ्यास डालें।

 

औषधि का सेवन करने की अन्य विधि

अगर किसी व्यक्ति को उपरोक्त तरीके से औषधि का सेवन करने में दिक्कत या परेशानी महसूस हो रही हो तो इस औषधि का सेवन एसे भी कर सकते हैं :- एक कांच के गिलास में 250 M.L. पानी में दो काली हरड़ डालकर गिलास को ढक कर रख दें और सुबह सूर्य के उदय से पहले उस पानी का सेवन कर लें एसा करने से पीड़ित को आश्चर्यचकित लाभ मिलेगा और गैस की समस्या से स्थाई लाभ पाने के लिए 5 से 6 माह तक इस औषधि का सेवन करना चाहिए।