Easy home remedies to recover from the deficiency of blood and hemoglobin  in the body in hindi sagarvansi ayurveda

पालक से हीमोग्लोबिन व शरीर में खून की कमी को दूर करने का आसान उपाय / Easy home remedies to recover from the deficiency of blood and hemoglobin in the body in hindi

रक्तवर्धक

रक्तवर्धक यानी रक्त को या खून को बढ़ाने वाली औषधि या सामग्री। आज हम आपको इस ब्लॉग में बताएंगे कि मानव शरीर में हो रही रक्त की कमी को किस प्रकार दूर किया जा सकता है। शरीर में रक्त या खून की कमी हीमोग्लोबिन और रेड ब्लड सेल्स (Red Blood Cells) की कमी से हो जाती है। खून या रक्त की मानव शरीर में इस प्रकार से आवश्यकता होती है जैसे किसी मोटर यान या मोटर कार मैं इंजन आयल की आवश्यकता होती है। रक्त मानव शरीर में हृदय से होकर पूरे शरीर में फैलता है और अन्य शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीजन पहुंचाता है यही रक्त का मुख्य कार्य है। रक्त की कमी मानव शरीर में होने का मुख्य कारण है हीमोग्लोबिन क्योंकि हीमोग्लोबिन की मात्रा मानव शरीर में सामान्य से कम हो जाना है और हीमोग्लोबिन की कमी से मानव शरीर में खून का बनना या कहें के नया खून बनना कम हो जाता है। आजकल हीमोग्लोबिन कीहीमोग्लोबिन की कमी या हीमोग्लोबिन से रक्त की कमी होना आम बात है। जीवन में कभी ना कभी ऐसी समस्या आ ही जाती है जो आज के समय में बहुत ज्यादा बढ़ रही है। जिसका मुख्य कारण है आजकल के बाजारों में मिलने वाले पोषण हीन खाद्य पदार्थों में बच्चों एवं बड़ों की बढ़ती रुचि जिसको फास्ट फूड भी कहा जाता है। जैसा कि बताया हीमोग्लोबिन की कमी से शरीर में रक्त का विकसित होना कम हो जाता है जिससे रक्त की कमी हो जाती है जिसके अपने कुछ ना कुछ दुष्परिणाम हैं जैसे मानव शरीर में रक्त की कमी से चक्कर आना, रक्त की कमी होने से कमजोरी व सिर में दर्द की समस्या होना, शरीर की ऊपरी खाल का खून की कमी से सफेद हो जाना, चेहरे देखने से समय से पुर्व उम्र दराज लगना व तमान त्वचा विकारों का सामना करना, हृदय गति की चाल खून की कमी से अधिक तेज होना। रक्त की कमी के कारण लाल रक्त कणिकाओं का नष्ट होते जानामानव शरीर में पोषक तत्वों की अत्यधिक कमी के चलते शरीर में रक्त की कमी होना आम बात है। रक्त को बनाने के लिए हीमोग्लोबिन बढ़ना अति आवश्यक है और हीमोग्लोबिन बढ़ने के लिए आयरन और विटामिन 'बी' की आवश्यकता होती है। इन दोनों तत्वों की वजह से भी खून की कमी हो जाती है।

                     

उपचार

किशमिश, अंगूर, मुनक्का तीनों का सही तरह से उपयोग करने की विधि

1.  किशमिश  प्रातः काल में 25 से 30 किशमिश को गर्म पानी से अच्छी तरह धोकर साफ कर लें साफ करने के बाद किशमिश को कच्चे दूध में डुवाकर रखें और 30 से 45 मिनट के बाद किशमिश को उसी कच्चे दूध के साथ अच्छे से उबाल लें दूध के उबलने के बाद गर्म दूध में से किशमिश को निकालकर धीरे-धीरे एक-एक करके अच्छे से चबा चबा कर खा ले उसके बाद बचे गर्म दूध को पी लें। इस क्रिया से रक्त की वृद्धि होगी और इसके अतिरिक्त जिन व्यक्तियों को सर्दियों के दिनों में अत्यधिक ठंड लगती है उन व्यक्तियों के लिए भी उपरोक्त क्रिया अधिक लाभदायक है एवं ऐसे व्यक्ति जिन्हें अधिक ठंड महसूस होने की काफी शिकायत या परेशानी है वह उपरोक्त क्रीया के कुछ रोज के प्रयोग से ठीक हो जाएंगे और साथ ही साथ अधिक कमजोरी, लिवर की कमजोरी, निम्न रक्तचाप व हाजमा शक्ति को बढ़ाती है।

2. अंगूर रक्त की कमी वाले व्यक्ति को अंगूर के रस का 25 से 30 ग्राम की मात्रा में भोजन के उपरांत आधा घंटा बाद दोनों समय (सुबह व शाम) लेना चाहिए 2-3 सप्ताह तक सेवन करने से रक्त की कमी खत्म होती है।  पेट फूलना, अपच होना, अफरा होना, चक्कर आना, दिल के दौरे पड़ना आदि रोग दूर हो जाते हैं। खासकर महिलाओं के लिएउपरोक्त बताई गई क्रिया विषेश कर लाभदायक है। ताजे अंगूरों का रस कमजोरी व कमजोर रोगियों के लिए शक्ति प्रदान करता है। अंगूर के रस के सेवन से मांसपेशियों में खिंचाव आता है और मांसपेशियां सुदृढ़ होती हैं रंग निखरता है व चेहरा गुलाब की तरह खिल जाता है। बच्चों की सामान्य दुर्बलता को दूर करता है व बच्चों की कठिन कब्ज दूर कर पेट साफ करता है।

3. मुनक्का 10 से 12 मुनक्का को रात में सोने से पहले साफ कर के कम से कम 12 घण्टे के लिए पानी में  भिगोकर रख दें सुबह 12 घंटे भीगने के बाद मुनक्का का बीज निकाल कर खूब अच्छी तरह चबा - चबा कर 2 से 4 सप्ताह तक सेवन करें तो इस क्रिया से शरीर में रक्त बनेगा, रक्त साफ होगा, नाक से बहने वाले खून की समस्या खत्म होगी, इसके अतिरिक्त मुनक्का वीर्यवर्धक व फेफड़ों और पेट के रोंगों मैं भी लाभदायक सिद्ध है। किशमिश, अंगूर और मुनक्का में लौह तत्व अधिक मात्रा में पाए जाते हैं जिसके कारण रक्त में लाल कणों यानी हीमोग्लोबिन को बढ़ाने में सहायता मिलती है। परंतु इसका सेवन मधुमेह में कतई वर्जित है।

सहायक उपचार

1. खाने के पदार्थों को, खाने को या अन्य खाने वाली वस्तुओं को अच्छी तरह से चबा चबा कर खाना चाहिए।

2.  मानव शरीर में रक्त के कणों यानी हीमोग्लोबिन और लाल रक्त की मात्रा सामान्य से कम होने पर मनुष्य को पालक का रस आधा गिलास या अंदाजन 125 ग्राम की मात्रा में कुछ दिन तक सेवन करना चाहिए इससे मनुष्य को या रक्त की कमी से पीड़ित व्यक्ति को पालक के लोहे एवं तांबे  जैसे तत्व व सभी विटामिन बी कॉम्पलेक्स की पूर्ति होगी जिससे शरीर में रक्त बनने के साथ साथ चेहरे पर गुलाव के जैसा निखार आता है।

3. टमाटर में लौह तत्व की मात्रा  दूध और अंडे की सफेदी (Egg White) से कई गुना ज्यादा होती है जो रक्त को बढ़ाने में लाभदायक होता है। टमाटर रक्त को शुद्ध रखता है तथा रक्त की प्रतिरोधक शक्ति को भी बढ़ाता है। इसके अतिरिक्त टमाटर का सेवन करने से नेत्र रोगों में लाभ होता है और आंतों कि हानिकारक कृमियों को मार कर बाहर निकाल देता है। परंतु टमाटर पथरी में निषिद्ध है।