simple and best solution of sexual disorder in human being in hindi sagarvansi ayurveda

यौन रोगों मैं कायाकल्प करने वाली औषधि / simple and best solution of sexual disorder in human being in hindi

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग दिन प्रतिदिन पैसा कमाने की होड़ में भाग रहे हैं। हर व्यक्ति की इच्छा यही रहती है कि वह अधिक से अधिक पैसे वाला जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी बन जाए इसी उम्मीद के साथ वह व्यक्ति खाने पीने को भी कई बार भूल कर अपने कार्य में व्यस्त हो जाता है। एैसी भागदौड़ भरी जिंदगी में वह इतना तनावग्रस्त हो जाता है कि ना तो वह ठीक से खानपान पर ध्यान दे पाता है और ना ही अपने परिवारिक जीवन पर ध्यान दे पाता है। इस तनाव के चलते वह धीरे-धीरे यौन रोगों से ग्रस्त हो जाता है। एक दंपत्ति के लिए जीवन में शारीरिक संबंध बहुत ही आवश्यक होते हैं। शारीरिक संबंधो के द्वारा पति पत्नी दोनों ही अपनी थकान भी मिटा लेते हैं, एवं शारीरिक संबंध से कुछ समय के लिए उनको मानसिक शांति भी मिलती है क्योंकि जिस समय व्यक्ति शारीरिक संबंध स्थापित करता है उस समय स्त्री एवं पुरुष दोनों के ही हारमोंस स्रावित होते हैं, जिससे उनको आत्म संतुष्टि मिलती है। इसलिए व्यक्ति के जीवन में शारीरिक संबंधों की बहुत अधिक आवश्यकता होती है। लेकिन अधिकांश देखा गया है कि जब पति-पत्नी के शारीरिक संबंध ठीक नहीं हो तो उनको मानसिक तनाव रहता है और उनके बीच दूरियां बनने लगती हैं धीरे-धीरे रोजाना लड़ाई झगड़े होने लगते हैं। इस बीमारी का सही समय पर इलाज ना किया जाए तो पती पत्नी अलग तक हो जाते हैं।

 

यौन रोगों के कारण

1. यौन रोग एक भयानक बीमारी माना जाता है। इससे इसके कई कारण जैसे जिनमें से एक पुरुष यदि कम उम्र में किसी पराई स्त्री से अत्यधिक संबंध बनाए तो धीरे-धीरे पुरुष में कमजोरी आने लगती है।

2. यदि पुरुष कम उम्र में अत्यधिक हस्तमैथुन करता है तो उसको बाद में शारीरिक कमजोरी महसूस होती है और आगे वह अपनी गृहस्थ जीवन में अपनी पत्नी के साथ सही तरह से शारीरिक संबंध बनाने में कमजोरी महसूस करता है।

3. भागदौड़ भरी जिंदगी में यदि कोई व्यक्ति अत्यधिक तनाव ग्रस्त रहता है और वह अपने शरीर पर ध्यान नहीं देता और ना ही अपने सही समय पर सोने और जागने का ध्यान रखता है ऐसे में अनियमित खान-पान से खाना ना पचना यानी अपच हो जाती है जिससे मनुष्य स्वतः ही शारीरिक दुर्बलता महसूस करता है।

4. यदि व्यक्ति का खानपान ठीक नहीं है वह पौष्टिक भोजन नहीं करता है तो उसे शारीरिक कमजोरी महसूस होने लगती है।

 

शारीरिक कमजोरी के उपाय

1. यदि किसी व्यक्ति को शारीरिक कमजोरी है और वह अपने जीवन साथी के साथ शारीरिक संबंध बनाने में असफल है तो सबसे पहले उसको अपना खानपान को सुधार कर पौष्टिक भोजन लेना चाहिए खाने में सलाद, कुछ फल अवश्य उपयोग करने चाहिए।

 2. नित्य समय पर सोना और समय से उठना चाहिए सुबह खाली पेट भ्रमण अवश्य करना चाहिए।

3. पेट हमेशा साफ होना चाहिए अगर नहीं है तो सोते समय गर्म पानी के साथ त्रिफला चूर्ण लेना चाहिए।

 शारीरिक कमजोरी की औषधि

शारीरिक कमजोरी कई बार दिनचर्या में परिवर्तन करने से एवं खानपान में सुधार करने के बाद भी शारीरिक परेशानी रहती है इस अवस्था में कुछ दवाओं के प्रयोग से इस समस्या से निजात पाई जा सकती है। अश्वगंधा 100 ग्राम, शतावरी 100 ग्राम, सफेद मूसली 100 ग्राम, कौंच के बीज का चुर्ण 100 ग्राम, छोटा गोखरू 100 ग्राम, स्वर्ण भस्म 2 ग्राम, रसायन वटी 50 गोली, महायोगराज गुग्गुल, छोटी इलायची 10 ग्राम इन सभी को अच्छी तरह मिलाकर व बारीक पीसकर चूर्ण बना ले और ठीक तरह से मिलाकर 5-5 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करने से बेहतर परिणाम आते हैं।

 

विशेष : आयुर्वेदिक औषधि है अतः धीरे-धीरे रोग को खत्म करती हैं इसलिए इस औषधि को 1 महीने उपयोग करने के बाद परिणाम आना आना शुरू होता है अच्छे और बेहतर परिणाम के लिए उसे इसका छह माह तक सेवन करें तभी बेहतर परिणाम मिलगा और इसी बीच स्वयं पर संयम रखें दवा नित्य प्रति लेनी चाहिए अगर बीच-बीच में छोड़ देंगे तो परिणाम अच्छे नहीं रहते साथ में नित्य भ्रमण एवं व्यायाम करना अति आवश्यक है।