pathri ka ilaj baba ramdev Get rid of kidney stones only in a few days sagarvansi ayurveda

गुर्दे (Kidney) की पथरी (Stone) से छुटकारा पाएं मात्र कुछ ही दिनों में / pathri ka ilaj baba ramdev Get rid of kidney stones only in a few days

Pathri ka ilaj baba ramdev पथरी का इलाज बाबा रामदेव द्वारा

गुर्दे की Pathri ka ilaj baba ramdev ke nuskhe आजकल इस दौर में आम बात हो गई है आमतौर पर छोटे स्तर पर परीक्षण करें या सर्वे करें तो पाएंगे कि लगभग 100 में से 5 - 7 लोग पथरी की समस्या से ग्रस्त हैं। मानव शरीर में पथरी कई स्थान पर हो जाती है। परन्तु सामान्तः  विशेषकर दो जगह पयी जाती है। प्रथम गुर्दे में (Kidney) द्वितीय पित्ताशय में या पित्त की थैली में (Gall bladder) परंतु आज यहां इस लेख में हम गुर्दे की पथरी के बारे में चर्चा करेंगे। इस समस्या से निजात पाने के लिए आयुर्वेदिक औषधि बताएंगे गुर्दे की पथरी क्या है और यह गुर्दे में कैसे उत्पन्न होती है। गुर्दे की पथरी की परेशानी आजकल काफी आम हो गई है अपने आसपास यदि देखा जाए तो ऐसी समस्या से पीड़ित कई लोग आपको मिल जाएंगे जो जल्द से जल्द गुर्दे की पथरी से परेशान होकर निजात पाना चाहते हैं। गुर्दे में पथरी एक छोटा सा कंकड़ जैसा होता है जो गुर्दे में हमारे भोजन में युक्त कैल्शियम, मिनरल, आयरन इत्यादि खनिजों की उपस्थिति गुर्दे में हो जाती है साथ  साथ हाइड्रोक्लोरिक, सोडियम एसे पदार्थो से गुर्दे में पथरी की शुरुआत होती है और ऐसी अवस्था में जब शरीर में पानी या अन्य तरल पदार्थों के सेवन में कमी आ जाती और उपरोक्त पदार्थों की अधिक जमा होने के कारण गुर्दे में पथरी का विकास होता है। गुर्दे की पथरी एक ऐसी समस्या है जिसके होने से आपके पेट के नीचे की तरफ या सीधे-सीधे कहें तो गुर्दे की तरफ (जिस भी गुर्दे में पथरी हो या जहां उसका विकास हो रहा हो) और कभी-कभी तो पीछे कमर की तरफ बहुत तेज या कहें कि असहनीय दर्द होता है।

 

 पथरी के लक्षण

 

पथरी होने के कई लक्षण होते हैं जो कि निम्नलिखित हैं।

1.मूत्रेंद्रिय में जलन।

2. पेशाब में असामान्य बदबू।

3. मूत्र मुक्ति करते समय तेज दर्द का अनुभव।

4. पेट के निचले भाग में पीड़ा होना।

5. भयंकर पेट दर्द होना।

6. दर्द के साथ या सिर्फ चक्कर आना।

 

उपचार

कुल्थी 250 ग्राम उसको अच्छे से साफ कर लें जैसे कंकड़ पत्थर निकाल लें और फिर कुल्थी   को रात में सोने से पहले 3 लीटर पानी में भिगो दें सुबह भिगोइ हुई कुल्थी को उसके पानी के साथ ही किसी बर्तन में डालकर मंद आँच पर लगभग 4 घंटे तक पकने दें और जब उस पानी का एक तिहाई या कहें कि करीब 1 लीटर पानी शेष रह जाए तब उस पानी को आँच से उतार कर 30 से 50 ग्राम देशी घी (पाचन शक्ति के हिसाब से) का छोंक कुल्थी और उसके बताए हुए पानी में लगाएं और देशी घी का छोंक बनाते समय उसमें सेंधा नमक, जीरा, व काली मिर्च मिलाकर छोंक तैयार कर के कुल्थी में डाल दें। औषधि तैयार है। औषधि को रोज दोपहर के खाने के समय खाने के स्थान पर सिर्फ इसका सेवन करें और रोज कम से कम 250 M.L की मात्रा में 2 से 3 सप्ताह तक अवश्य लेना चाहिए मूत्राशय की पथरी गलकर निकल जाती है और ऑपरेशन का की आवश्यकता भी नहीं पड़ती और यह औषधि पुनः पथरी होने से भी रूकती है रोकती है।

 

विशेष

1. जब तक पथरी गलकर बाहर ना निकल जाए इस औषधि का सेवन निरंतर करते रहना चाहिए और अधिक दिनों तक भी इस औषधि के सेवन से कोई हानि नहीं होती है 1 से 5 सप्ताह तक लें।

2.  इस औषधि के निरंतर सेवन करने से पथरी 1-5 सप्ताह में मूत्राशय से बाहर आ जाएगी और इस औषधि से पथरी के तीव्र एवं खतरनाक हमलों में भी अधिक लाभ मिलता है।

3.  यदि भोजन के स्थान पर औषधि लेने हैं कोई समस्या हो या खाली पेट कोई व्यक्ति ना रह सके तो वह इस सूप रूपी औषधि के साथ एक रोटी भी ले सकता है। एकाध रोटी लेने से कोई हानि नहीं होगी।

4.  गुर्दा  के प्रदाह और सूजन रोगी जितना भी कुल्थी का पानी पी सके उतना बेहतर है ऐसा करने से 10 से 12 दिनों में गुर्दे का प्रदाह ठीक हो जाएगा।

 

Pathri ka ilaj baba ramdev पथरी का इलाज बाबा रामदेव द्वारा जैसा की उपरोक्त बताया की कैल्शियम के एक जगह जमा हो जाने से पथरी हो जाती है। तले हुए पदार्थ के अधिक सेवन से भी पथरी हो जाती है।

1. पथरी के लिए उपचार कुल्थी की दाल का सेवन एक से दो चम्मच कुल्थी की दाल को लगभग एक गिलास पानी में  उबाल ले और अंदाजे से जब वह उबलकर 50 ग्राम शेष रह जाए तब उसे छानकर उसका सेवन करें।

2. मूली का प्रयोग भोजन के साथ सलाद के रूप में मूली का सेवन नियमित रूप से करते रहने से पथरी की समस्या नहीं होती।

3. जौ (Barley) जौ के आटे का सेवन पथरी की समस्या में काफी लाभप्रद रहता है। इसके अतिरिक्त जौ के आटे का सेवन करने वाले व्यक्तियों को पथरी नहीं होती।

4. पत्थर चट्टा के चार से पांच पत्तों का सेवन करने से पथरी की समस्या में लाभ होता है।

पथरी में पथ्य अपथ्य

पथ्य खीरा, तरबूज के बीच, खरबूजा के बीज, चौलाई की सब्जी, मूली, बथुआ, अन्नानास, आंवला, गोखरू, मूंग की दाल, कुल्थी के सेवन के साथ-साथ सात से आठ गिलास सादा जल पीना अधिक लाभकारी है। खासकर गुर्दे की समस्या में।

पथरी में अपथ्य टमाटर, पालक, चावल, बैंगन, लेसदार पदार्थ, उड़द, चाय, चॉकलेट, सूखे मेवे, मांसाहार, मधपान इसके साथ-साथ मूत्र को काफी देर तक रोकने का प्रयास नहीं करना चाहिए।

 gurde ki pathri ka ilaj baba ramdev ke dwara bataya gaya hai is gharelu upchar se aap apne gurde ki pathari ki samasya se aaram paa sakte hai.