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थायराइड की समस्या के लिए घरेलू उपचार / Home Remedies for Thyroid Problem

मानव शरीर में कई सारी ग्रंथियां होती हैं। सब ग्रंथियां अपना-अपना कार्य करती हैं यदि किसी कारण कोई ग्रंथि कार्य करने में असक्षम हो जाती है तो शरीर के किसी ना किसी अंग पर उस ग्रंथि के कार्य करने का असर जरूर पड़ता है। जो आगे किसी ना किसी तरह से कोई ना कोई बीमारी का रुप ले लेती है। आज हम शरीर की ऐसी ही एक ग्रंथि की बात कर रहे हैं जिसका नाम है थायराइड ग्रंथि। थायराइड ग्रंथि मानव शरीर की वह ग्रंथि है जो मानव शरीर के कंठ में पाई जाती है। इस ग्रंथि का कार्य मानव शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंग को उचित प्रकार से या उत्तम प्रकार से कार्य करने में मदद करना होता है। यह ग्रंथि थायरोक्सिन नाम के बहुत महत्वपूर्ण हार्मोन को उत्पन्न करके पूरे शरीर में उसका स्त्राव करती है। थायराइड ग्रंथि को थायरोक्सिन  नाम के हार्मोन का उत्पादन करने के लिए शरीर से एक विशेष तत्व की आवश्यकता होती है जिसे आप और हम आयोडीन नाम से जानते हैं। यह आयोडीन मानव शरीर के द्वारा किए गए भोजन के सेवन से आयोडीन की आवश्यक मात्रा को प्राप्त कर शरीर के लिए बहुत उपयोगी हार्मोन थायरोक्सिन को उत्पन्न करके पूरे शरीर में उसका स्त्राव करती है। थायराइड ग्रंथि से उत्पन्न थायरोक्सिन नामक हार्मोन यदि आवश्यकता से अधिक या कम उत्पादन होने वाली स्थिती ही थायराइड ग्रंथि की खराबी कहलाती है। ऐसी अवस्था में थायराइड की समस्या के लिए घरेलू उपचार(Home Remedies for Thyroid Problem) के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।

थायराइड ग्रंथि द्वारा उत्पन्न महत्वपूर्ण कार्य

1. आज के समय में स्वाद प्रिया होने व अनुचित खाद्य पदार्थ या अनुचित खानपान व इसके अतिरिक्त किसी अन्य कारण से शरीर में उत्पन्न विषैले या जहरीले पदार्थ से शरीर को बचाकर जहरीले व विषैले पदार्थ को शरीर से बाहर करने में थायराइड ग्रंथि की अहम भूमिका रहती है।

2. शरीर में शारीरिक व मानसिक विकास की अधिक आवश्यकता होती है विशेषकर बचपन में। थायराइड ग्रंथि विशेषकर बाल अवस्था के दौरान बच्चों में शारीरिक व मानसिक विकास करने में सहायक होती है।

3.  मानव शरीर के ताप को या तापमान को आवश्यकता के अनुसार नियंत्रित करने में थायराइड ग्रंथि उपयोगी होती है।

थायराइड दो प्रकार के होते हैं.

1.  हाइपो थायराइड

2.  हायपर थायराइड

हाइपो थायराइड के लक्षण

1.  आवाज में एक अलग सा भारीपन होना।  

2.  शरीर के जोड़ों में, सिर में और कंधे व गर्दन में दर्द होना।

3.  अचानक से लगातार वजन का बढ़ते रहना।

4.  चेहरे पर व गले के आसपास सूजन महसूस होना।

5.  त्वचा में अधिक रूखापन व शुष्क होना।

6.  खाने के प्रति अरुचि या भूख का कम लगना।

7.  लंबे समय से कब्ज की समस्या का बने रहना।

हाइपर थायराइड के दोरान होने वाले लक्षण

1.  लगभग हर समय हृदय की गति का सामान्य से अधिक होना।  

2.  हाथ पैरों में कंपकपाहट या कंपन जैसी स्थिति।

3.  अचानक से लगातार कुछ ही दिनों में वजन का गिरना।

4.  बेवजह सामान्य से ज्यादा पसीना आना। लगभग हर समय हृदय की गति का सामान्य से अधिक होना।

थायराइड की समस्या के लिए घरेलू उपचार (Home Remedies for Thyroid Problem)

1. अखरोट व बादाम  के  नियमित सेवन से हाइपो थायराइड में काफी लाभ मिलता है क्योंकि अखरोट व बादाम में सेलीनीयम जैसे तत्व पाए जाते हैं जो थायराइड जैसी समस्या में काफी लाभकारी होते हैं। इसके अतिरिक्त अखरोट और बादाम  के सेवन से कंठ या गले की सूजन में भी काफी आराम मिलता है।

2. थायराइड को नियंत्रित या कंट्रोल रखने के लिए नियमित हल्दी मिला दूध का सेवन करें।  हल्दी को पकाकर दूध में मिलाकर सेवन करें। यदि  किसी को हल्दी वाला दूध पीने में परेशानी हो तो वह सिर्फ हल्दी को भूनकर ही इसका सेवन कर लें।

3. थायराइड को संतुलित करने के लिए एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण को देसी गाय के गुनगुने दूध के साथ रात को सोने से पहले लेने से फायदा मिलता है।

 4. हरे धनिया को ठीक तरह से साफ कर लें फिर हरे धनिया  अच्छे से बारीक पीसकर चटनी बना लें इसके बाद एक चम्मच की मात्रा में हरे धनिए की चटनी को एक ग्लास पानी में  अच्छी तरह से घोलकर पी लें परंतु ध्यान रहे जब भी इस हरे धनिया की चटनी का सेवन करें तब हर बार ताजा हरे धनिया की चटनी को ही लें और कोशिश करें कि धनिया ऐसा लिया जाय जो अत्यधिक सुगंधित हो।  हरा धनिया थायराइड में काफी लाभकारी होता है इससे थायराइड नियंत्रित रहता है।