dimaag ko tez karne ka gharelu upchar home remedy to make brain strong and powerful sagarvansi ayurveda

मानसिक शक्ति वर्धक घरेलू उपचार विशेषकर विद्यार्थियों के लिए व मानसिक कार्य करने वाले व्यक्तियों के लिए / dimaag ko tez karne ka gharelu upchar home remedy to make brain strong and powerful

मानसिक शक्ति वर्धक घरेलू उपचार

 

मानसिक शक्ति एक ऐसी शक्ति कहलाती है जिससे व्यक्ति  कैसी भी परिस्थिति का सामना कर लेता है जिस व्यक्ति की मानसिक स्थिति कमजोर होती है वह अधिक्तर जगहों पर हताश रहने के अलावा कुछ नहीं कर पाते  हैं। किसी भी व्यक्ति को उसके व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाने के लिए या कहे के किसी भी क्षेत्र में शिखर तक पहुंचने के लिए व्यक्ति को स्वस्थ स्थिरता मानसिक शक्ति और दिमागी ताकत जरूरी है। जिस व्यक्ति की स्मरण शक्ति कमजोर हो जाती है व्यक्ति काफी  हताश उसे कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जैसे कि किसी विद्यार्थी की मानसिक शक्ति कमजोर होती है तो वह किसी इम्तिहान में अच्छे अंक प्राप्त नहीं कर पाता  ऐसे व्यक्तियों को स्मरण शक्ति की कमजोरी की समस्या होती है। ऐसे व्यक्तियों को मानसिक शक्ति वर्धक घरेलू उपचार का सहारा लेना उचित रहता है। आज यहां हम आपको ऐसा घरेलू मानसिक शक्ति वर्धक घरेलू उपचार के बारे में बताने वाले हैं जिन्हें अपनाकर आप ऐसी समस्याओं से निजात पा सकते हैं यह घरेलू उपचार विद्यार्थियों एवं मानसिक कार्य करने वाले व्यक्तियों को अधिक लाभ देता है। एवं मानसिक शक्ति वर्धक घरेलू उपचार के रूप में जाना जाता है। इस प्रयोग से आपकी मानसिक कार्य क्षमता में वृद्धि होगी एवं दिमाग पुष्ट होगा।

           

मानसिक शक्ति वर्धक घरेलू उपचार

 

सात बादाम की गिरीयां, 7 दाने कालीमिर्चदो छोटी इलायची और 3 ग्राम सौंफ बड़ा दाना (गर्मियों के मौसम में सौंफ के स्थान पर धनिया शुष्क दाना) रात के समय कांच या चीनी के बर्तन में भिगोकर रख दें। प्रातः काल व्यायाम के बाद बदाम की गिरिया इलायची के छिलके उतार लें काली मिर्च और सौंफ के साथ सिल पर पीस लें जब खूब बारीक हो जाए तो 250 ग्राम पानी में मिलाकर  साफ कपड़े से छान लें फिर इस मिश्रण में दो चम्मच शहद या मिश्री मिलाकर धीरे-धीरे पिएं यह बदाम का दूध मस्तिष्क की दुर्बलता मिटाने तथा आंखों की ज्योति शारीरिक बल एवं स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए अति उत्तम उपचार है।

 

विशेष

1. गर्मियों के मौसम में धनिया  शुष्क दाना (सौंफ के स्थान पर) 3 ग्राम, ठन्ड़ा पानी और मिश्री का प्रयोग उत्तम रहेगा और पित्त प्रकृति वालों के लिए यह अधिक अनुकूल रहता है।

2. शीतकाल में सदैव गुनगुने जल और शहद का प्रयोग उत्तम रहता है और वात प्रकृती वालों के लिए यह अधिक अनुकूल रहेगा।

3. शारीरिक प्रकृति के अनुसार उपरोक्त वस्तुओं में घटा बड़ी की जा सकती है पर बदाम हमेशा रहेंगे दो दो बादाम की गिरियाँ प्रति सप्ताह बढ़ाकर 15 बदाम तक बढ़ाए जा सकते हैं और तदनुसार अन्य वस्तुओं में वृद्धि की जा सकती है।

 

विकल्प

सौंफ और मिश्री का संभाग चूर्ण दो चम्मच की मात्रा से दोनों समय भोजन के बाद लेते रहने से मस्तिष्क की कमजोरी दूर होती है 1 माह से 2 माह तक लें।

विशेष

1. मस्तिष्क संबंधी रोगों में सौंफ अत्यंत गुणकारी है। यह मस्तिष्क की कमजोरी के अतिरिक्त दृष्टि दुर्बलता चक्कर एवं पाचन शक्ति के लिए लाभकारी है। इसके निरंतर सेवन से दृष्टि कमजोर नहीं होती तथा मोतियाबिंद रुक जाता है।

2. उल्टी, जी मिचलाना ,पित्तविकार, जलन, उदरशूल, अग्निमाँध, प्रवाहिका, मरोड़ आदी व्याधियों में लाभदायक है।

3. इसके अतिरिक्त सौंफ रक्त वर्ण को साफ करने वाली एक चर्म रोग नाशक है। प्रतिदिन 10 ग्राम सुबह-शाम बिना मीठा मिलाए वैसे ही चवा चवा कर निरंतर कुछ समय तक सेवन करने से रक्त साफ होता है ।तथा त्वचा का रंग उजला होने लगता है।

 

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