Home Remedies for Chickenpox in hindi (chechak ki samasya ka gharelu upchaar) sagarvansi ayurveda

चेचक व चिकनपॉक्स के लिए घरेलू उपचार / Home Remedies for Chickenpox in hindi (chechak ki samasya ka gharelu upchaar)

मानव शरीर में कई सारे अंग होते हैं। सभी अंग अपना-अपना कार्य भलीभांति करते हैं जब तक कि वह किसी समस्या से ग्रसित ना हो जाएं या किसी प्रकार की बीमारी से ग्रस्त ना हो जाए। मानव शरीर में कई सारी बीमारियां लग जाती हैं कुछ बीमारियों का कारण गलत खानपान, अनियमित दिनचर्या बढ़ती उम्र के कारण इत्यादि परंतु कुछ बीमारियां ऐसी भी होती है जो आपके शरीर में उत्पन्न नहीं होती परंतु वह दूसरे शरीर से या दूसरे के शरीर से वायरस (Virus), वायरल इन्फेक्शन (Viral Infection)  के रूप में आपके शरीर में समा जाती हैं। आज का अपना टॉपिक भी ऐसे ही एक विषय पर है  जिसको चेचक या चिकन पॉक्स कहा जाता है। चिकन पॉक्स भी वायरल इन्फेक्शन के द्वारा एक शरीर से दूसरे को दूसरे से तीसरे को ऐसे करके यह इन्फेक्शन कई लोगों को प्रभावित करता है या फैलता है।शुरुआती तौर पर चेचक में बुखार लाल रंग के छोटे - छोटे दाने पूरे शरीर पर या शरीर के किसी विशेष भाग पर दिखाई देते हैं और 1 से 2 दिन में यह दाने पहले से अधिक बड़े हो जाते हैं गहरे लाल रंग के या कहें कि पहले से ज्यादा गहरे रंग के हो जाते हैं। यह लक्षण प्रथम तौर पर चेचक में देखा जाता है। चिकन पॉक्स जैसा रोग किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है परंतु अधिकांश यह 1 से 10 या 11 साल के बच्चों में देखने को मिलता है।  इस रोग की उग्र अवस्था में यह पीड़ित के शरीर पर पड़े दानों के निशान भी छोड़ जाता है और यह निशान आजीवन शरीर पर बने रहते हैं। इस समस्या में पीड़ित को बहुत तेज खुजली का अनुभव होता है, बुखार भी रहता है और जी मिचलाता है या उल्टी जैसा मन हो जाता है। जब यह समस्या छोटे बच्चों के साथ हो तो विशेष ध्यान देना चाहिए। इस समस्या से ग्रस्त बच्चों में बीमारी के उग्र रूप में आंखों का अंधापन जैसी कई समस्या भी उत्पन्न हो जाती हैं। यह काफी पीड़ादायक समस्या होती है। यदि सही समय या समस्या का सही तरह से उपचार नहीं हुआ तो इस समस्या से लोगों के जान पर बन आती है।

चेचक के लक्षण

इस प्रकार की समस्या को केवल उसके लक्षणों के द्वारा ही देखा या समझा जा सकता है।

 चेचक के लक्षण निम्नलिखित हैं

1.  दिल की धड़कन का सामान्य से अधिक होना।

2.  शरीर पर निकले लाल रंग के दानों में काफी ज्यादा खुजली होना।

3.  पूर्ण शरीर में तेज दर्द का अनुभव होना।

4.  उवकाइ आना या उल्टी आना। 

5.  शरीर पर लाल रंग के दाने होना।

6.  लगातार तेज बुखार बना रहना।

7.  दो से चार दिनों के भीतर लाल दोनों का पक जाना।

चेचक चिकनपॉक्स के लिए घरेलू उपचार (Home Remedies for Chickenpox)

नीम की 7 छोटि-छोटि  मुलायम कोपलों को लें इसके साथ 7 दाने काली मिर्च के लेकर इन दोनो सामग्री को एक माह तक नियमित सेवन करने से चेचक जैसे वायरल इन्फेक्शन से उतपन्न रोग की उत्पत्ति से बचा जा सकता है। एक महीने तक इस प्रयोग को नियमित रूप से करने से चेचक के खतरे से पूरे साल भर तक बचा जा सकता है। चेचक के दिनों में जो भी व्यक्ति नीम की नई पत्तियां (कोपलों) का प्रतिदिन सेवन करता है उसे चेचक रोग नहीं होता।

विशेष

उपरोक्त बताए गए प्रयोग यानी नीम की पत्तियों (कोपलोंका सेवन प्रातः खाली पेट ही करना चाहिए। पत्तियों (कोपलोंको खूब अच्छी तरह खूब चबा-चबाकर पानी के साथ सेवन करना चाहिए। नीम की नई पत्तीयों(कोपलोंको काली मिर्च के दानों के साथ  में एक समान अनुपात में मिलाकर एकदम बारीक पीसकर छोटी-छोटी गोली बनाकर छाया में सुखा लें और एक गोली को एक घूंट पानी के साथ निगल जाएं।

सहायक उपचार

1. चेचक की समस्या या बिमारी में रात भर के भिगोए हुए चने पर रोगी या पीड़ित की हथेली को रगड़ने से चेचक या चिकनपॉक्स के कीटाणु खत्म हो जाते हैं।

2.  चेचक की समस्या  दोरान बुखार अधिक तेज होता है। इस बुखार से पीड़ित व्यक्ती को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस तरह के बुखार के लिए तुलसी और अजवाइन को एक साथ मिलाकर पीस लें और इस मिश्रण को हर रोज मरीज को दें इससे बुखार धीरे - धीरे उतर जाएगा।

चेचक के दागों को नष्ट करने के लिए उपाय

 

चेचक के दागों को नष्ट करने के लिए संतरे के छिलकों को छांव में सुखा लें और सूखने के बाद उसे कूट पीस कर बारीक या महीन चूर्ण बना लें। चूर्ण में पर्याप्त मात्रा में गुलाब जल मिलाकर घोल बना लें घोल ऐसा होना चाहिए चेहरे पर लेप हो सके। इस लेप से चेहरे के चेचक के दाग नष्ट हो जाते हैं।