Home remedy for Eczema can be prepared  in 10 minutes only sagarvansi ayurveda

एग्जिमा का 10 मिनट में तैयार होने वाला ऐसा सफल घरेलू इलाज जानकर हैरान रह जाएंगे / Home remedy for Eczema can be prepared in 10 minutes only

एक्जिमा एक प्रकार का चर्म रोग है। त्वचा के उत्तेजक, दीर्घकालीन विकार को एक्जिमा के नाम से जाना जाता है। इस रोग में त्वचा रूखी हो जाती है और बार-बार खुजली करने का मन करता है क्योंकि त्वचा की ऊपरी सतह पर नमी की कमी हो जाती है, जिसके परिणाम स्वरुप त्वचा को कोई सुरक्षा नहीं रहती और जीवाणुओं और कुषाणुओं के लिए हमला करने और त्वचा के भीतर घुसने के लिए आसान हो जाता है। एक्जिमा के गंभीर मामलों में त्वचा के ग्रसित जगहों में से पस और रक्त का स्राव भी होने लगता है। यह रोग डर्माटाईटिस के नाम से भी जाना जाता है।

मुख्य रूप से यह रोग खून की खराबी के कारण होता है और चिकित्सा  न कराने पर तेजी से शरीर मे फैलता है एक्जिमा  अपने रोगियों को उम्र और लिंग के आधार पर नहीं चुनता है एक्जिमा के रोग से ग्रस्त रोगी अन्य विकारों के भी शिकार होते हैं यह किसी भी उम्र के पुरुष या महिला को प्रभावित कर सकता है लेकिन कुछ आयुर्वेदिक उपचारों को अपनाकर इस समस्या के लक्षण को कम यह खत्म किया जा सकता है

उपचार
250 ग्राम सरसों का तेल
 लेकर लोहे की कढ़ाई में चढ़ाकर आग पर रख दें जब तेल खूब उबलने लगे तब इसमें 50 ग्राम नीम की कोमल कोपल डाल दें । कोपलों के काले पड़ते ही कढ़ाई को तुरंत नीचे उतार लें अन्यथा तेल में आग लग कर तेल जल सकता है। ठंडा होने पर तेल को छानकर बोतल में भर लें। दिन में चार बार एक्जिमा पर लगाएं कुछ ही दिनों में एक्जिमा नष्ट हो जाएगा। 1 वर्ष तक लगाते रहे तो फिर यह रोग दोबारा कभी नहीं होगा।

सहायक उपचार

चना चुन को नून बिन, चौंसठ दिन जो खाए।
दाद,खाज और सेंहुआ, जरा मूर सो जाए।

विकल्प
4 ग्राम चिरायता और 4 ग्राम कुटकी लेकर शीशे या चीनी के पात्र में 125 मिली ग्राम पानी डालकर रात को उस में भिगो दें और ऊपर से ढककर रख दें। प्रातः काल रात को भिगोया हुआ चिरायता और कुटकी का पानी निथार कर कपड़े से छानकर पी लें और पीने के बाद 3-4 घंटे तक कुछ नहीं खाएं और उसी समय अगले दिन के लिए उसी पात्र में 125 मिली ग्राम पानी और डाल दें। इस प्रकार 4 दिन तक वही चिरायता और कुटकी काम देंगे। तत्पश्चात उनको फेंककर नया चार-चार ग्राम चिरायता और कुटकी डालकर भिगोयें और 4 दिन के बाद बदलते रहे। यह पानी लगातार दो से चार सप्ताह पीने से एक्जिमा, फोड़े फुंसी आदि चर्म रोग नष्ट होते हैं, मुहांसे निकलना बंद होते हैं और रक्त साफ होता है।

विशेष
एक्जिमा मैं इस कड़वे पानी को पीने के अलावा इस पानी से एक्जिमा वाले स्थान को धोया करें।  इस प्रयोग से एक्जिमा और रक्त दोष के अतिरिक्त हड्डी की टी.वी., पेट के रोग,सोरियेसिसस अादि  बहुत सी बीमारियां दूर होती हैं। इन कठिन बीमारियों में आवश्यकतानुसार एक से दो महीनों तक चिरायता और कुटकी का पानी पीना चाहिए।रोजाना यह पानी ना पी सकने वाले यदि इसे सप्ताह में एक या दो बार लें तो भी आशातीत लाभ प्राप्त किया जा सकता है। छोटे बच्चों को दो चम्मच की मात्रा मैं यह पानी पिलाना चाहिए। बच्चों के लिए कड़वाहट कम करने के लिए इस कड़वी दवा को पिलाने के बाद ऊपर से एक-दो घूंट सादा पानी पिला सकते हैं। इस प्रयोग से सोरियेसिस (Psoriasis) जैसा कठिन चर्म रोग दूर होता है।

परहेज
खटाई (खासकर इमली अमचूर की खटाई) भारी तले तेल मिर्ची मसालेदार तथा नशीले पदार्थों का सेवन ना करें। नमक का सेवन कम से कम करें। यदि नमक का परहेज करना संभव ना हो तो साधारण नमक के स्थान पर सेंधा नमक का प्रयोग करें इस क्योंकि इस नमक परिवर्तन से भी कई साधारण चर्म रोगों से मुक्ति मिलना संभव है।

सावधानी गर्भवती एवं रजस्वला महिलाओं को यह पानी नहीं पीना चाहिए।