A simple way to get relief from viral diseases like chicken pox sagarvansi ayurveda

चेचक जैसे विषाणु रोग से आराम पाने का आसान सा तरीका / A simple way to get relief from viral diseases like chicken pox

चेचक चिकन पॉक्स (Chicken pox)

चेचक (Chicken pox) एक ऐसा वायरल संक्रमण (Viral Infection) है जो एक मानव शरीर से दूसरे शरीर में दूसरे से तीसरे शरीर में फैलता है। चेचक के शुरुआती लक्षणों में पहले बुखार और शरीर पर लाल - लाल दाने निकलते हैं और एक-दो दिन में ही बड़े और पहले से ज्यादा लाल दिखने लगते हैं। वैसे तो यह रोग किसी भी उम्र में हो जाता है परंतु अधिकतर यह छोटे बच्चों में पाया जाता है या हो जाता है (लगभग 1 से 9 साल तक) इस बीमारी में कई दफा तो हो रहे लाल दाने अपना निशान छोड़ देते हैं। जो कि मनुष्य के शरीर पर उसके पूरे जीवन काल तक के लिए रह जाते हैं। इस बीमारी में पीड़ित को बहुत तेज खुजली होती हैज्वर या बुखार बना रहता है, जी मिचलाता है या उल्टी करने का मन हो जाता है। छोटे बच्चों के साथ यदि यह परेशानी हो गई है तो अधिक ध्यान देना चाहिए क्योंकि इस समस्या से बच्चों में आंखों का अंधापन जैसी कई समस्या भी हो जाती हैं। चेचक की समस्या काफी पीड़ादायक होती है समस्या यदि सही समय या समस्या का सही तरह से उपचार नहीं हुआ तो इस समस्या से लोगों के जीवन पर बन आती है।

 

 चेचक के लक्षण

यदि आपके यहां या आपके जानने में कोई इस समस्या से पीड़ित है तो इस समस्या को सिर्फ उसके लक्षणों से ही समझा या देखा जा सकता है।

 चेचक के लक्षण निम्नलिखित हैं

 1. शरीर पर लाल - लाल दाने होना।

2.  लगातार तेज ज्वर बना रहना।

3.  पूरे शरीर में तेज दर्द का अनुभव।

4.  शरीर पर निकले लाल दानों में काफी तेज खुजली महसूस होना।

5. दो - चार दिनों में लाल दोनों का पक जाना।

6.  ह्रदय गति या  ह्रदय की धड़कन का तेज होना।

7. उवकाइ या उल्टी आना।

 

चेचक की समस्या का उपचार

चेचक में नीम की छोटि-छोटि 7 मुलायम कोपलों लें और इसके साथ 7 काली मिर्च के दानो को एक महीना तक लगातार सेवन करने से चेचक जैसे रोग की उत्पत्ति से बचा जा सकता है। एक माह के प्रयोग से चेचक के खतरे से साल भर तक बचा जा सकता है। चेचक के दिनों में जो भी व्यक्ति नीम की नई पत्तियां यानी कोपलों का सेवन करता है उसे चेचक रोग छू भी नहीं सकता।

विशेष

उपरोक्त बताई गई पत्तियों का सेवन खाली पेट करना है। पत्तियों को खूब चबा-चबाकर पानी के साथ सेवन करना चाहिए। नीम की नई पत्तीयों को काली मिर्च के दानों के साथ  एक समान अनुपात में बारीक पीसकर छोटी-छोटी गोली बनाकर छाया में सुखा लें और एक गोली को एक घूंट पानी के साथ निगल जाएं।

 सहायक उपचार

1.  चेचक का ज्वर काफी तेज होता है। इस ज्वर से पीड़ित को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस तरह के ज्वर के लिए तुलसी और अजवाइन को एक साथ मिलाकर पीस लें और इस मिश्रण को हर रोज मरीज को दें इससे बुखार धीरे - धीरे उतर जाएगा।

2. चेचक की परेशानी में रात भर के भिगोए हुए चने पर रोगी या पीड़ित की हथेली को रगड़ने से चेचक के कीटाणु खत्म हो जाते हैं।

 

चेचक के दागों को नष्ट करने के लिए उपाय

चेचक के दागों को नष्ट करने के लिए संतरे के छिलकों को छांव में सुखा लें और सूखने के बाद उसे कूट पीस कर बारीक या महीन चूर्ण बना लें। चूर्ण में पर्याप्त मात्रा में गुलाब जल मिलाकर घोल बना लें घोल ऐसा होना चाहिए चेहरे पर लेप हो सके। इस लेप से चेहरे के चेचक के दाग नष्ट हो जाते हैं।