Effective home remedies for throat pain in hindi (gale ke dard ke liye kargar gharelu upay) sagarvansi ayurveda

गले के दर्द के लिए कारगर घरेलू उपाय / Effective home remedies for throat pain in hindi (gale ke dard ke liye kargar gharelu upay)

आज के समय में व्यक्ती अत्यधिक स्वाद प्रिय होता जा रहा है। इस तरह से भोज्य पदार्थों में स्वादप्रियता होने की वजह से व्यक्ति को अनेक प्रकार की परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है जैसे अत्यधिक चिकनाई युक्त खाद्य पदार्थ, अधिक चटपटे या तेज मिर्च - मसालेदार तले भुने खाद्य पदार्थों के सेवन से कंठ (गला) खराब हो जाता है या गले में दर्द सूजन जैसी समस्याऐं उत्पन्न हो जाती है। इन समस्याओं का एक कारण और भी हो सकता है कभी - कभी सर्दी लगने से भी गले में दर्द सूजन जाती है या इसके अतिरिक्त कभी - कभी  स्वर यंत्र भी बिगड़ जाता है और आवाज आना बंद हो जाती है। जिसके कारण व्यक्ति को कुछ भी खाने में तकलीफ या परेशानी महसूस होती है और यहां तक कि गले में दर्द सूजन बने रहने की वजह से पीड़ित व्यक्ति को कुछ पीने में, लीलने में या निगलने में भी तकलीफ महसूस होती है। डिप्थीरिया रोग में झिल्ली बन जाने के कारण श्वास नली बंद हो जाती है तथा गले में घाव होने पर दुर्गंधयुक्त स्त्राव भी निकलने लगता है। गले में दर्द होने के कारण रात को बहुत तकलीफ होती है क्योंकि रात को बार-बार  खखांरना पड़ता है जिससे गले में खुश्की के कारण जख्म बन जाते हैं और उसी कारण आवाज आना भी बंद हो जाती है और इससे जलन भी काफी होती है। ब्रोंकाइटिस रोग में भी खांसी उत्पन्न होने से रोगी के गले में काफी तकलीफ होती है एवं हरा, रक्त मिश्रित पीला बलगम भी निकलता है तथा गर्दन से लेकर कंधे तक दर्द होता है। यदि किसी व्यकती को गले में ज्यादा गंभीर घाव हो जाए या ज्यादा लंबे समय से इस समस्या से पीड़ित हो तो शीघ्र ही किसी प्रशिक्षित चिकित्सक से मिलकर दवा एवं उपचार लेना ही उचित उपाय माना जाता है।

गले के दर्द के लिए कारगर घरेलू उपाय / उपचार (Effective home remedies for throat pain)

1. काली मिर्च में आधा चम्मच घी और पिसी हुई मिश्री मिलाकर खाने से गले में काफी फायदा या आराम मिलता है।

2. मिलेगा। फूली हुई फिटकरी लगभग 2 ग्राम या आधा चम्मच की मात्रा को 250 मि० ली० गर्म पानी में घोलकर दिन में दो - तीन बार गरारे करने से गले की सूजन एवं दर्द दूर हो जाता हैं। इससे गले में दर्द व सूजन के अतिरिक्त गला रुंधा सा रहने की समस्या में भी काफी लाभ होता है।

3. यदि गले में सूजन उत्पन्न हो गई हो और कफ भी निकलता हो तो रात को सोने से पहले लगभग आधा चम्मच अजवायन को अच्छी तरह से चबाकर खा लें और ऊपर से गुनगुना पानी पी लें इस प्रयोग से कफ बनना बंद हो जाता है।

4. गले में दर्द होने की स्थिती में सूखा धनिया एवं मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर एक - एक चम्मच की मात्रा में दिन में दो से तीन बार सेवन करने से दर्द में आराम मिलेगा व इससे मुंह के छालों में भी आराम मिलेगा।

5. गले में सूजन अथवा गले में दर्द को दूर करने के लिए दो छोटे चम्मच की मात्रा में अजवायन को लगभग आधा लीटर पानी में 12 से 15 मिनट उबालकर छान लें और आधा चम्मच सैंधा नमक उस में मिला दें इस पानी से प्रातः और रात को सोने से पहले गरारे करें काफी जल्दी लाभ

पथ्य / अपथ्य

रोगी को गेहूं की रोटी के साथ मूंग की दाल, तोरई, लौकी, पालक, टिंडे,  मेथी, गाजर, सेम, टमाटर, आदि की सब्जी खानी चाहिए। मिर्च मसाले व चिकनाई का प्रयोग कम से कम करना चाहिए। सुबह निहार मुंह एक चम्मच अदरक के रस में एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर चाटना चाहिए।

 अपथ्य

 

उड़द की दाल, रूखा - सूखा भोजन, मांस, मछली, शराब, ठंडे पानी का सेवन, ठंडे पानी से स्नान, धूम्रपान एवं अन्य मादक पदार्थों का त्याग करना चाहिए।