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गला बैठने की समस्या के लिए कुछ घरेलू उपचार / gala kharab hone ya gala bethne ka gharelu upchar home remedy for sore throat

गला बैठने की समस्या के लिए कुछ घरेलू उपचार (Problem of Soreness)

 

गला बैठने की समस्या काफी आम समस्याओं में आती है। यह समस्या किसी भी व्यक्ति के साथ उत्पन्न हो सकती है। इस समस्या में पीड़ित व्यक्ति की आवाज साधारण से भारी या कम हो जाती है। गला बैठने के कारण कई कारण हो सकते हैं यह समस्या हमारे गले में स्थित लैरिंक्स जिसे स्वर यंत्र भी कहा जाता है जिसके कारण व्यक्ति बोलने में सक्षम होते हैं। लैरिंक्स में बलगम द्वारा ढकी हुई स्वर तंत्रिका स्थित होती हैं। लैरिंक्स के अंदर की मांसपेशियां स्वर तंत्रिका  के आकार और खिंचाव को नियंत्रित करती हैं जिसके कारण व्यक्ति ऊंचा या धीमा बोल पाते हैं। स्वर तंत्रिका में जाने वाली हवा में हुआ कोई भी परिवर्तन या बदलाव व्यक्ति की आवाज और ध्वनि को प्रभावित करता है। लैरिंक्स में होने वाली सूजन को लैरिंजाइटिस के नाम से जाना जाता है जो लैरिंक्स के अत्यधिक प्रयोग से या संक्रमण के कारण से उत्पन्न होती है। लैरिंजाइटिस में स्वर तंत्रिका में सूजन हो जाने के कारण आवाज में परिवर्तन जाता है। लैरिंजाइटिस के कारणों में साधारण सर्दी, जुकाम, बोलने, गाने या फिर चलाने के कारण या स्वर तंत्रिका का अत्यधिक प्रयोग या अधिक तनाव देने पर या धूम्रपान प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने के कारण से लैरिंजाइटिस की समस्या उत्पन्न होती है। यह सबसे आम लक्षण या  कारण होता है। इस समस्या में पीड़ित की आवाज भारी हो जाती है और बोलने में परेशानी महसूस होती है या कहें कि काफी जोर लगाकर बोलना पड़ता है। इस समस्या में आराम पाने के लिए कुछ घरेलू उपचार बताने वाले हैं जिन्हें उपयोग करके आप समस्या में आराम पा सकते हैं।

 

 

गला बैठने की समस्या के लिए कुछ घरेलू उपचार (Problem of Throat Soreness)

1. जोर जोर से या ऊची आवाज में बातचीत या भाषण देने के कारण गला बैठने पर - कच्चा सुहागा आधा ग्राम या अंदाजे से मटर के बराबर सुहागे का टुकड़ा मुंह में रखें और रस चूसते रहे।  उसके गल जाने के बाद स्वर भंग में तुरंत आराम हो जाता है दो-तीन घंटों में ही गला बिलकुल साफ हो जाता है। उपदेशक को और गायकों की बैठी हुई आवाज खोलने के लिए अति उत्तम प्रयोग है।

2. गर्म खाने के पश्चात ठंडा पानी पीने के कारण गला पकड़ने पर - सोते समय 1 ग्राम मुलेठी के चूर्ण को मुंह में रखकर कुछ देर चूसते रहें फिर वैसे ही मुंह में रखकर सोएँ रहें प्रातः काल  तक गला अवश्य साफ हो जाएगा। मुलेठी चूर्ण को  पान के पत्ते में रख कर लिया जाए तो और भी आसान और उत्तम रहेगा इससे प्रातः गला खोलने के अतिरिक्त गले का दर्द और सूजन भी दूर होती है।

3. सर्दी जुकाम के कारण यदि गला बैठ गया हो तो - रात को सोते समय सात काली मिर्च और उतने ही बतासे चबा कर सो जाएं। सर्दी जुकाम स्वर भंग ठीक हो जाएगा। बतासे ना मिले तो काली मिर्च और मिश्री मुंह में रख कर धीरे धीरे चूसते रहने से बैठा गला खुल जाएगा।

विकल्प भोजन के पश्चात 10 काली मिर्च का चूर्ण घी के साथ चाटें अथवा 10 बतासे की चासनी में 10 काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर चाटें।

4. स्वर भंग- इसके अंतर्गत दिया गया सुहागा का फूला और मुलेठी को बराबर मात्रा में लेकर बारीक व महीन पीस लें और आधा से एक ग्राम  की मात्रा में शहद के साथ दिन में 2 से 3 बार चाटें। स्वर भंग में यह प्रयोग भी काफी लाभप्रद है।

पथ्य - चपाती, दूध, हलुवा, गरम गरम खाएं, पानी भी गर्म या गुनगुना ही पीएं बहुत अधिक चिल्लाने या बोलने से जब आवाज बैठ जाए तो मौन रहना ठीक है रहता है। अपथ्य - शराब, सिगरेट, बीड़ी, अधिक ठंड़ा पानी आदि।

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