Home Remedy for Pechis (Dysentery) sagarvansi ayurveda

पेचिश के लिए घरेलू उपाय / Home Remedy for Pechis (Dysentery)

भगवान की सबसे सुन्दर रचना में मानव सबसे ऊपर इंगित है। प्रकृति ने मानव शरीर को इतना विशेष तरीके से बनाया है। वहीं दूसरी तरफ यदि किसी तरह से शरीर के किसी भी भाग की उचित तरह से देखभाल या साफ सफाई का ध्यान ना दिया जाय तो कई प्रकार की समस्या उत्पन्न हो जाती है। आज यहां ऐसी ही समस्या के बारे में हम चर्चा करेंगे और समस्या से निजात पाने के लिए उपचार बताएंगे। उपरोक्त समस्या जिसके बारे में हम आज चर्चा कर रहे हैं उस समस्या का नाम है पेचिश के साथ आँव का आना यह मानव शरीर में होने वाली एक काफी आम समस्या है। इस समस्या में पीड़ित व्यक्ति को सामान्य रूप से मल नहीं आता बल्कि उसके स्थान पर पतले दस्त या कभी - कभी बीमारी   की उग्र अवस्था में या बीमारी के उग्र रूप ले लेने पर खून युक्त पतले दस्त होते हैं। इस समस्या में कभी - कभी कुछ मामलों में या बीमारी की विषम स्थिति में आँव (Mucus) भी आती है। आँव एक तरह का लिसलिसा तरल पदार्थ होता है जो पेचिश या खून युक्त पतले दस्त के साथ निकलता है। एसा भी कहा जा सकता हैं कि आँव देखने में एक तरह से नाक जैसा लिसलिसा तरल पदार्थ होता है। पेचिश की समस्या व्यक्ति की बड़ी आँतों में इंफेक्शन के कारण उत्पन्न होती है। यह बहुत तेजी से फैलने वाली एक गंभीर समस्या है। यह समस्या दूषित जल या दूषित खाद्य पदार्थ के सेवन से उत्पन्न हो जाती है।

पेचिश के लक्षण

1. अधिक कमजोरी महसूस होना। 

2. अधिकतर एक या दो से अधिक बार बार मल के आने जैसा महसूस होना। 

3. खाने के प्रति अरुचि या भूख नहीं लगना।  

4.  मल के रास्ते पतले दस्त के साथ म्यूकस या रक्त का आना।

5.  उल्टी और बुखार जैसी समस्याएं उतपन्न होना।

6.  पेट के नीचे के हिस्से में अधिक दर्द महसूस होना।

पेचिश के लिए घरेलू उपाय द्वारा उपचार ( Home Remedies for Pechis / Dysentery)

 300 ग्राम की मात्रा में सौंफ अच्छे से साफ की हुई लें और 300 ग्राम की मात्रा में मिश्री भी ले लें सौंफ कोबराबर - बराबर  हिस्सो अलग कर लें जिसमें से एक हिस्से को तवे पर भून लें अब भुनी हुई सौंफ और बची हुई सौंफ को मिलाकर बारीक पीस लें अब इसमें उतनी ही (उपरोक्त बताई गई मात्रा 300 ग्राम) पिसी हुई मिश्री मिला लें इस  मिश्रण को छः ग्राम लगभग 2 चम्मच की मात्रा में दिन में चार बार खाएं इसके बाद यदि आवश्यक हो तो ऊपर से दो घूंट पानी भी पी सकते हैं।  यह प्रयोग  नई या पुरानी आँवयुक्त पेचिश या मरोड़ देकर थोड़ा - थोड़ा मल तथा आँव के लिए अति  उत्तम उपाय है। सौंफ खाने से बस्ती शूल या पीड़ा सहित आँव आना मिट जाता है।

सहायक उपचार

 दही में भात एवं मिश्री को एक साथ मिलाकर खाने से पीड़ित की आँव के साथ मरोड़ो के दस्तों में आराम मिलता है।

विकल्प

1.  छोटी हरड़ और पीपर का चूर्ण :- हरड़ छोटी दो भाग और पीपल छोटी एक भाग दोनों को मिलाकर बारीक चूर्ण बना लें और लगभग एक - डेढ़ ग्राम की मात्रा में चूर्ण को गर्म पानी से दोनों समय के भोजन के पश्चात आवश्यकता के अनुसार 3 दिन से 1 सप्ताह तक नियमित लें इससे आँव और  शूलसहित दस्त शांत होते हैं। यह अमीबिक पेचिश में विशेष लाभप्रद है।

2.  मेथी दाना :-  मेथी दाना सूखा हुए का साग बनाकर प्रतिदिन सेवन करने से आँव का रोग अथवा दही में मेथी दाने का चूर्ण लगभग 3 ग्राम को मिलाकर सेवन करने से  के साथ-साथ मूत्र का अधिक आना भी कम होता है।

3.   बिना तेल या मिर्च में पका हुआ चौलाई का साग मात्रा लगभग 150 ग्राम प्रतिदिन 11 दिनों तक लगातार सेवन करने से पुराने से पुराना आँव का समस्या जड़ से दूर होती है। यह प्रयोग यानी चौलाई का साग गुर्दे की पथरी (Kidney stones) में भी  लाभकारी है। यह साग राजस्थान प्रदेश में अधिक पाया जाता है।