Proven treatment of dangerous disease like dengue by home remedy in hindi sagarvansi ayurveda

डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी का घरेलू व सिद्ध उपचार / Proven treatment of dangerous disease like dengue by home remedy in hindi

डेंगू की खतरनाक समस्या

डेंगू की बीमारी आजकल के दौर की सबसे तेजी से फैलने वाली बीमारी है। डेंगू की बीमारी के फैलने का कारण बिगड़ते जलवायु के द्वारा उत्पन्न विभिन्न प्रकार के विषैले कीटाणुओं की उत्पत्ति होना ही इस प्रकार की समस्या का मुख्य कारण है। बिगड़ते जलवायु की वजह से कई विषैले कीटाणुओं का जन्म होता है जिनमें से एक डेंगू का मच्छर भी होता है। इस भिन्न प्रकार के  विषैले मच्छरओं के काटने से एक विशेष प्रकार का घातक व जहरीला वायरस मानव शरीर में प्रवेश कर जाता है और वायरस की वजह से 3 से 4 दिनों में ही निम्नलिखित लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

 डेंगू के लक्षण

1.  डेंगू के मच्छर के काटने के 3 से 4 दिनों के भीतर ही अधिक तेज बुखार होता है। यदि दवाओं के परसपर सेवन के बाद भी ज्वर या बुखार 3 - 4 तक नहीं उतर रहा तो समझ लें की यह साधारण ज्वर नहीं है और किसी ड़ॉक्टर से परामर्रश लेकर यथाशीघ्र इलाज शुरु कर दें।

2.  डेंगू में अधिक तेज ज्वर के साथ साथ - शरीर में कमजोरी और शरीर का दुखना  यानी दर्द डेंगू की समस्या की वजह से ही  शुरू हो जाता है।

3.  डेंगू की बीमारी के चलते मानव शरीर  की ब्लड प्लेटलेट्स काउंट मैं अचानक से भारी कमी आने लगती है या अचानक से उनकी संख्या में भारी गिरावट आ जाती है। जिससे शरीर में धीरे-धीरे मूर्छा की स्थिति की शुरुआत भी होने लगती है।

4.  इस गंभीर समस्या में पीड़ित मानव शरीर का अचानक रक्त का दबाव धीरे होने लगता है। अर्थात ब्लड प्रेशर लो हो जाता है।

5. डेंगू से पीड़ित मानव की नाड़ी पर भी असर होता है। इस समस्या के चलतेडेंगू के कारण नाड़ी अचानक कभी तो मंद और कभी तेज हो जाती है।

 

विशेष देखा जाए तो डेंगू एक काफी आम समस्या है जो किसी भी व्यक्ति को हो सकती है परंतु डेंगू को किसी भी तरह से कम या सहज लेने की गलती करने से जीवन से हाथ धोना पड़ सकता है। यदि डेंगू का सही समय पर या उचित उपचार ना कराया गया तो यह समस्या जानलेवा सिद्ध हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक डेंगू का मच्छर बाकी के आम मच्छरों की प्रजाति से काफी अलग और अत्यधिक विषैला होता है डेंगू की समस्या में जरा भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए क्योंकि इस समस्या में की गई लापरवाही का परिणाम काफी भयानक हो सकता है। डेंगू से बचने के लिए सभी व्यक्तियों को अपने आवास के आसपास किसी तरह के पानी को जमा नहीं होने देना चाहिए क्योंकि गंदे पानी में डेंगू के मच्छर पनपते हैं और अपने अंडे भी उसी जलभराव मैं ही  देते हैं। इस प्रकार विषैले मच्छरों की प्रजाती में इजाफा होता है जो की मानव स्वास्थ के लिए वहुत बड़ा खतरा है।  

 

उपचार

1. पपीते की पत्तियों का रस डेंगू में अत्यन्त लाभकारी हैं।  मानव शरीर में डेंगू के वायरस की वजह से नष्ट हुई रक्त की प्लेटलेट्स को बढ़ाने का प्राकृतिक गुण पपीते की पत्तीयों में पाया जाता है । पपीते की पत्तीयों से रस निकालने का तरीका :- 5 - 7 पपीते की पत्तियों को लेकर उसका डंठल हटाकर पत्तियों को पीसकर उसका रस निकाल लें और पीड़ित को दिन में दो से तीन बार सेवन करने के लिए दें। इससे नष्ट हुई प्लेटलेट्स दोबारा बनने लगती हैं।

2. डेंगू में गिलोय का उपयोग बहुत लाभदायक व सिद्ध प्रयोग है। गिलोय के सेवन से डेंगू के बुखार में बहुत जल्द आराम मिलता है इसके साथ-साथ प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाने में भी गिलोय अहम भूमिका निभाता है। गिलोय की बेल की एक 2 - 3 इन्च की डंडी को 2 गिलास पानी में उवलने के लिए छोड़ दें और जव यह उवलकर आधा रह जाए तव इसे ठंड़ा होने के वाद सेवन करें (यह एक बार की औषधि है। एसे दिन में 2 से 3 बार सेवन करें)  यदि गिलोय आसानी से ना मिले तो गिलोय के कैप्सूल या गोलियां भी ली जा सकती हैं यह किसी भी आयुर्वेदिक स्टोर पर उपलब्ध होती हैं। डेंगू में गिलोय का सेवन अत्यधिक लाभदायक व सिद्ध औषधि है।

3. डेंगू के बुखार में बकरी का दूध भी बहुत लाभदायक माना जाता है। बकरी के दूध सें डेंगू की समस्या में आई रक्त की प्लेटलेट्स की कमी को दूर किया जा सकता है। बकरी का दूध डेंगू की बीमारी में अत्यधिक लाभप्रद है।