Symptoms of insomnia and its easy treatment (neend ka gharelu upchaar) sagarvansi ayurveda

अनिद्रा के कारण लक्षण एवं उपचार / Symptoms of insomnia and its easy treatment (neend ka gharelu upchaar)

मानव जीवन में चल रही व्यस्तता या आपाधापी में मनुष्य के अपने या अपने शरीर के लिए समय निकल पाना लगभग असंभव सी बात हो गई है जिससे मनुष्य को कई छोटी बड़ी समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है।  एक एसी ही मुख्य समस्या है जिससे आजकल तमाम लोग प्रभावित इस समस्या से ग्रसित होते जा रहे हैं वह छोटी परंतु विचित्र सी समस्या का नाम है अनिद्रा या नींद नही आना (Sleeplessness or Insomnia) हमारी  या आपकी जानकारी में ऐसे काफी व्यक्ती होंगे  जिन्हे कभी ना कभी किसी ना किसी वजह से इस समस्या का सामना करना पड़ा होगा। इसके मुख्य कारण हैं तनाव, अधिक यात्रा करना, किसी बड़ी बीमारी से ग्रसित होना, दैनिक दिनचर्या में उथल-पुथल या अनियमित दिनचर्या होना आदि। इन्हीं कुछ समस्याओं की वजह से मनुष्य को अपने जीवन में अनिद्रा का सामना करना पड़ता है इस समस्या से होने वाले भी अपने कई दुष्प्रभाव होते हैं जैसे शारीरिक मानसिक तनाव, भूलने की आदत, आकस्मिक  वजन बढ़ना, हमेशा थकावट महसूस करना, चिड़चिड़ापन आदि। इस अनिद्रा नामक समस्या को दूर करने के लिए या समस्या में आराम पाने के लिए मनुष्य अंग्रेजी दवाओं की ओर रुख करने लगता है और धीरे-धीरे  उन दवाओं का आदी हो जाता है ऐसे मनुष्य की स्थिति उस समय ऐसी हो जाती है की यदि वह उस अंग्रेजी दवाई का डोज ना ले तो वह पूरी रात सोने में असमर्थ रहता है या कहें की  बिना दवा खाए पीड़ित को नींद नहीं आती।   परंतु ऐसी समस्या में विचलित होने की आवश्यकता नहीं है  क्योंकि आयुर्वेद में इसका इलाज है

अनिद्रा के मुख्य लक्षण  (Symptoms of insomnia or Sleeplessness)

1. किसी बात को समझने में या उसपर प्रतिक्रिया देने में विलंब होना।

2. हमेशा चिड़चिड़ापन या रूखा स्वभाव रहना।

3. वाहन चलाते समय निद्रा महसूस करना।

4. एकाग्रता करने में दिक्कत महसूस होना

5. अपने आपको जगाए रखने के लिए चाय या कॉफी का अधिक सेवन करना

6. पूरे दिन निद्रा जैसा महसूस होना

उपचार

तरबूज के बीज की गिरी और सफेद खसखस को अलग-अलग पीसकर बराबर बराबर वजन की मात्रा में मिलाकर रख लें इसमें से 3 ग्राम औषधि प्रातः एवं सायं लेने से रात में नींद काफी अच्छी आती है। इससे औषधि से रक्त का दबाव कम होता है और सिर दर्द  में भी आराम मिलता है। आवश्यकतानुसार 1 से 3 सप्ताह तक लें

 विकल्प

खसखस 6 ग्राम 250 मिलीलीटर पानी में पीसकर कपड़े से छान लें और 25 ग्राम मिश्री मिलाकर प्रातः या सायं नित्य एक बार लें इससे अनिद्रा दूर होती हे इससे औषधि को आवश्यकतानुसार 1 से 3 सप्ताह तक लें 2- 3 ग्राम पुदीना की पत्तियां (अथवा डेढ़ ग्राम सूखी पत्तियों का चूर्ण) को 200 मिलीलीटर पानी में 2 मिनट तक उबाल कर छान लें गुनगुना रहने पर इस पुदीने की चाय में 2 चम्मच शहद डालकर नित्य रात में सोते समय पीने से गहरी और मीठी नींद आती है इस प्रयोग को आवश्यकतानुसार 3 से 4 सप्ताह तक  करें।

सहायक उपचार

1. जिन्हें नींद ना आती हो या गहरी नींद के लिए तरसते हैं उन्हें अपने हर भोजन के साथ कच्चा प्याज जरूर खाना चाहिए केवल रात्रि के भोजन में प्याज का सलाद लिया जाए तो भी नींद अच्छी आएगी।

 2.  नींद कम या देर से आती हो तो सोने से पहले पैरों को हल्के गर्म पानी से धोकर साफ कर लेना चाहिए । पैरों के तलवों में सरसों के तेल की मालिश करने से नींद गहरी आती है

 3. पैरों के तलवों में सरसों के तेल की मालिश करने से नींद गहरी आती है

उपचार-2

 

आँवलों के मौसम में  प्रतिदिन प्रातः काल व्यायाम अथवा भ्रमण आदि करने के बाद 2 पके और  पुष्ट हरे आँवलों को खूब अचछी तरह चबाकर खाएं और यदि इस प्रकार से कच्चा आंवला ना खा सकें तो आँवलों का रस निकाल लें और 2 चम्मच की मात्रा में आँवलों का रस और शहद दो चम्मच की मात्रा में दोनो को मिलाकर पिएं जब आँवलों का मौसम ना रहे तब सूखे हुए आँवलों को बारीक कूट-पीसकर कपड़े से छान कर बनाया गया आँवले का चूर्ण एक चम्मच की मात्रा में (लगभग 3 ग्राम) रात को सोते समय अंतिम वस्तु के रूप में शहद में मिलाकर या जल के साथ भी ले सकते हैं। कुछ ही दिनो के निरंतर व प्रतिदिन इसका सेवन करने से गहरी नींद आने लगती है, भूख और पाचन शक्ति बढ़ जाती है ओर सिर दर्द दूर हो जाता है व इसके अतिरिक्त आँवला के कई और भी फयदे होते हैं।