What is Thyroid Problem, What to do in Thyroid problem Home remedies for Thyroid problem In Hindi sagarvansi ayurveda

क्या होती है थायराइड की समस्या। थायराइड समस्या के घरेलू उपाय पढ़िए इस आर्टिकल में / What is Thyroid Problem, What to do in Thyroid problem Home remedies for Thyroid problem In Hindi

थायराइड का घरेलू उपचार

 थायराइड की समस्या क्या होती है।

थायराइड मानव शरीर में एक ग्रंथी होती है जो गले में पाई जाती है। अंग्रेजी भाषा में इसे थायराइड ग्लैंड (Thyroid Gland) के नाम से जाना जाता है। थायराइड मानव शरीर के अन्य दूसरे आवश्यक अंगों को उचित प्रकार से कार्य करने में  मदद करने का काम भी करता है। थायराइड ग्रंथि से एक हार्मोन का उत्पादन होता है थायराइड द्वारा उत्पन्न हार्मोन को थायरोक्सिन कहा जाता है। थायरोक्सिन जैसे अति उपयोगी हार्मोन को उत्पन्न करने के लिए अपना भली प्रकार कार्य करने के लिए थायराइड ग्लैंड को आयोडीन की आवश्यकता होती है। आयोडीन की आवश्यकता को थायराइड ग्रंथि मानव शरीर द्वारा किए उचित खान-पान से पूर्ण कर लेती है जिसके द्वारा थायराइड ग्लैंड अपना कार्य करने में सक्षम रहता है। थायराइड ग्रंथि हार्मोन को मानव शरीर के अन्य अंगों में भी पहुंचाता है। थायराइड ग्लैंड के द्वारा आवश्यकता से अधिक या कम हार्मोन का उत्पादन होना ही थायराइड ग्रंथि की खराबी कहलाती है। यह हार्मोन यदि कम बनने लगता है तब शरीर का मेटाबॉलिज्म बहुत तेज हो जाता है और शरीर की ऊर्जा भी जल्दी खत्म होने लगती है और जब यह हार्मोन ज्यादा बनने लगता है तो मेटाबॉलिज्म रेट काफी धीरे हो जाती है जिससे शरीर में ऊर्जा कम बनती है और पीड़ित के शरीर में हमेशा सुस्ती, थकान आदि छाई रहती है। इस ग्रंथि की खराबी से मानव शरीर में स्थित अन्य स्थानों पर भी इस ग्रंथि की खराबी का कुछ ना कुछ असर पड़ता है इस अवस्था को काबू करने के लिए थायराइड ग्रंथि के उपचार की आवश्यकता होती है।

 थायराइड ग्रंथि के कुछ अन्य महत्वपूर्ण कार्य

1. थायराइड ग्रंथि मानव शरीर के तापमान को जरूरत के अनुसार काबू करने में सहायक होती है। 2.  मानव शरीर में अनुचित खानपान या अन्य किसी कारणवश उत्पन्न जहरीले पदार्थ या विशैले पदार्थ को शरीर से बाहर करने में थायराइड ग्रंथी सहायक होती है।

3. थायराइड ग्रंथि का अहम् उपयोग एवं अहम् योगदान हम सभी की बाल अवस्था में शारीरिक मानसिक विकास के लिए भी होता है।

 

थायराइड के दो प्रकार होते हैं.              

1.  हायपर थायराइड

2.  हाइपो थायराइड       

 

 हाइपर थायराइड के लक्षण

1.  सामान्य से अधिक पसीना आना।

2.  हाथ पैरों का कांपना या कंपन होना।

3.  अचानक से निरंतर वजन कम होना।

4.  हृदय की धड़कन का सामान्य से अधिक होना।

 हाइपो थायराइड के लक्षण

1. लगातार कब्ज की समस्या बनी रहना।

2.  त्वचा में अधिक रूखापन बना रहना।

3.  निरंतर शरीर के वजन का बढ़ना।

4.  भूख की कमी महसूस होना।

5.  आवाज में भारीपन महसूस होना।

6.  गर्दन सिर और शरीर के जोड़ों में पीड़ा (दर्द) होना।

7.  चेहरे पर कंठ पर सूजन महसूस होना।

 

थायराइड होने के कारण

1.  थायराइड होने की संभावना अधिकतर ऐसे व्यक्तियों को होती है जिनके परिवार में पहले किसी को थायराइड की समस्या रही हो।

2.  अधिक मानसिक तनाव लेने से थायराइड ग्रंथि पर बहुत असर पड़ता है।

3.  युवा अवस्था के चलते शरीर को मांसल बनाने की चाह में प्रोटीन पाउडर, कैप्सूल, सप्लीमेंट सोया प्रोडक्ट के अधिक उपयोग करने से थायराइड ग्रंथि प्रभावित हो जाती है।

4.  अत्यधिक प्रदूषण में सांस लेते रहने से जहरीले कणों का हवा के साथ शरीर में प्रवेश करने से जहरीले कणों का थायराइड ग्रंथि पर दुष्प्रभाव होता है जिससे थायराइड की समस्या होने की संभावना बनी रहती है।

5.  आहार में आयोडीन का सेवन सामान्य से अधिक या कम मात्रा में लेने से थायराइड की समस्या उत्पन्न होने के आसार शुरू हो जाते हैं।

6. अधिक दवाओं के उपयोग से उत्पन्न साइड इफेक्ट के कारण भी यह समस्या उत्पन्न हो सकती हैं।

घरेलू उपचार

 

1.  रात को सोते समय एक चम्मच की मात्रा में अश्वगंधा चूर्ण को गाय के गुनगुने दूध के साथ सेवन करने से थायराइड को कंट्रोल या संतुलित किया जा सकता है।

2.  बादाम अखरोट के सेवन से हाइपो थायराइड में अधिक लाभ मिलता है क्योंकि बादाम अखरोट में सेलीनीयम जैसे तत्व पाए जाते हैं जो थायराइड जैसी समस्या में काफी लाभदायक होते हैं। इसके अतिरिक्त बादाम और अखरोट के सेवन से गले की सूजन में भी काफी आराम मिलता है।

3.  हरा धनिया थायराइड में बहुत लाभदायक होता है इसके लिए हरे धनिया को अच्छे से साफ कर बारीक पीसकर चटनी बना लें और एक ग्लास पानी में एक चम्मच की मात्रा में हरे धनिए की चटनी को अच्छी तरह से घोलकर पी लें परंतु ध्यान रहे जब भी इस हरे धनिया की चटनी का सेवन करें तब हर बार ताजा चटनी को ही लें और कोशिश करें कि धनिया  ऐसा लें जिसकी सुगंध बहुत अच्छी हो। इससे थायराइड कंट्रोल रहता है।

 4. थायराइड को संतुलित या कंट्रोल रखने के लिए रोजाना हल्दी वाले दूध का सेवन करें।  हल्दी को पकाकर दूध में मिलाकर सेवन करें यदि हल्दी वाला दूध पीने में कठिनाइ हो तो  सिर्फ हल्दी को भूनकर इसका सेवन करें।

5. आधा चम्मच एलोवेरा का जूस मैं दो चम्मच तुलसी का रस मिलाकर सेवन करने से इस बीमारी में आश्चर्यचकित लाभ मिलता है।